52 साल के हुए आशीष विद्यार्थी, एक्टिंग के साथ-साथ करते हैं ये काम

52 साल के हुए आशीष विद्यार्थी, एक्टिंग के साथ-साथ करते हैं ये काम

हाइलाइट

  • आशीष विद्यार्थी एक अभिनेता होने के साथ-साथ एक प्रेरक वक्ता भी हैं
  • आशीष ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की थी
  • आशीष विद्यार्थी ने कई भाषाओं में फिल्में की हैं

नई दिल्ली:

आशीष विद्यार्थी का जन्म 19 जून 1962 को हुआ था। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली भाषाओं की कई फिल्मों में काम किया। ज्यादातर फिल्मों में इस अभिनेता ने खलनायक की भूमिका निभाई। आशीष विद्यार्थी एक अच्छे अभिनेता होने के साथ-साथ एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उन्हें न केवल अपनी फिल्मों से बल्कि समाज के प्रति अपने अच्छे कार्यों के लिए भी प्रसिद्धि मिली। इस अभिनेता ने अपने करियर में लगभग सभी भाषाओं की 234 फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा वह अब भी लगातार फिल्मों में सक्रिय हैं और साथ ही टेलीविजन में भी काम कर रहे हैं।

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आशीष विद्यार्थी का जन्म केरल के कुन्नूर में हुआ था। उनके पिता गोविंद विद्यार्थी एक मलयाली कलाकार हैं और उनकी माँ रबी एक प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना थीं। आशीष विद्यार्थी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई केरल के कुन्नूर से की। लेकिन 1969 में वे दिल्ली आ गए और वहीं से इस अभिनेता ने अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की। आशीष विद्यार्थी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। एक समय था जब वह दिल्ली में थिएटर करते थे और वहां उन्होंने खूब नाम कमाया।

आशीष विद्यार्थी ने न सिर्फ बॉलीवुड में अपना सिक्का जमाया, बल्कि वह थिएटर के उस्ताद भी हैं। आशीष विद्यार्थी जब थिएटर में परफॉर्म करने आते थे तो पूरा थिएटर भर जाता था। आशीष उन कलाकारों में से हैं जो थिएटर और सिनेमा के जरिए समाज के अहम मुद्दों को उठाते रहे हैं।

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आपको बता दें कि आशीष विद्यार्थी शुरुआती समय में दिल्ली में थिएटर किया करते थे। वह दिल्ली के रंगमंच की जान हुआ करते थे। आशीष का जन्म कलाकारों के परिवार में हुआ था। उनकी माँ एक प्रसिद्ध कथक नर्तकी थीं और उनके पिता एक प्रसिद्ध थिएटर कलाकार थे। आशीष के नाटक दयाशंकर की कहानी बहुत प्रसिद्ध हुई। गोविंद निहलानी की फिल्म ड्रोकल में उनके अभिनय को हमेशा याद किया जाता है। आशीष को शुरुआती दौर में ही नेशनल अवॉर्ड मिल गया था।

आशीष विद्यार्थी ने अपने करियर की शुरुआत कन्नड़ फिल्म ‘आनंद’ से की थी। लेकिन 1991 में उन्हें फिल्म काल संध्या से बॉलीवुड में ब्रेक मिला। इस फिल्म के बाद इस अभिनेता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद आशीष विद्यार्थी ने 1942: ए लव स्टोरी, सरदार, बिच्छू, सरदार, द्रोखल, बर्फी, बाजी, अवैध जैसी कई फिल्मों में काम किया। उन्होंने हिंदी फिल्मों के अलावा एके-47, वंदे मातरम, सैनिक, नंदी जैसी कई कन्नड़ फिल्मों में काम किया। फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविजन में भी कई शो किए।



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