शुक्रवार को इन चीजों के खरीदने से लक्ष्मी जी होती हैं प्रसन्न, घर में आती है सुख समृद्धि

शुक्रवार को इन चीजों के खरीदने से लक्ष्मी जी होती हैं प्रसन्न, घर में आती है सुख समृद्धि

शुक्रवार को इन चीजों के खरीदने से लक्ष्मी जी होती हैं प्रसन्न, घर में आती है सुख समृद्धि

शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है. मां लक्ष्मी को सुख समृद्धि, यश और वैभव का प्रतीक माना गया है. शुक्रवार के दिन ऐसी कौन सी वस्तु खरीदनी चाहिए जिससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, आइए जानते हैं.

पंचांग के अनुसार 9 अक्टूबर 2020 को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी की तिथि है. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए यह तिथि शुभ मानी गई है. इस दिन शुक्रवार भी है. शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख शांति आती है. शुक्रवार के दिन कुछ ऐसी वस्तुएं है जिन्हें खरीद कर घर लाने पर मां लक्ष्मी का आर्शीवाद प्राप्त होता है. ऐसा माना जाता है कि शुक्रवार के दिन वस्त्र खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.

मां लक्ष्मी को स्वच्छता अधिक पसंद है. जो लोग स्वच्छता को अपनाते हैं और साफ वस्त्र धारण करते हैं उन्हें माता लक्ष्मी अपना आर्शीवाद प्रदान करती हैं. माना जाता है कि फटे और गंदे वस्त्र धारण करने से राहु अशुभ होता है और जीवन में खराब परिणाम भोगने पड़ते हैं. इसलिए व्यक्ति को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए. राहु जब अशुभ होता है तो निर्धनता और दरिद्रता आती है.

शुक्रवार को क्या खरीदें

शुक्रवार के दिन व्यक्ति को वस्त्र, वाहन, गैजेट्स, आभूषण, शक्कर, मिष्ठान, श्रंगार का सामान आदि खरीदना चाहिए. मान्यता है कि इन वस्तुओं को खरीदने से मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं.

शुक्रवार को घी का दीपक जलाएं

शुक्रवार के दिन घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जरूर जलाएं ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है. कहा जाता है कि रात्रि के समय लक्ष्मी जी भ्रमण पर निकलती हैं और जिस घर के मुख्य द्वार पर दीपक जला हुआ दिखाई देता है वे उस घर में प्रवेश करती हैं. दीपक घर की नकारात्मक ऊर्जा को भी नष्ट करता है.

शुक्रवार का दान

शुक्रवार के दिन कुछ विशेष चीजों का दान करने से भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं इस दिन कन्याओं को उपहार देना चाहिए. सुहागिन स्त्रियों को सुहाग की वस्तुएं भेट करने से भी माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.

लक्ष्मी जी की पूजा करें

शुक्रवार को लक्ष्मी जी की पूजा विधि पूर्वक करनी चाहिए. पूजा के दौरान कमल और गुलाव के फूलों का प्रयोग करना चाहिए. पूजा के बाद महालक्ष्मी आरती का पाठ करना चाहिए.