मिसाइल टैस्ट कर चीन-पाकिस्तान को लगातार टेंशन दे रहा भारत, जानिए ‘शौर्य’ क्यों है खास?

भारत ने किया शौर्य मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण

नई दिल्ली: चीन से सीमा विवाद (India China Clash) के बीच भारत लगातार अपनी सेना की ताकत बढ़ाता जा रहा है। भारत ने शनिवार को ‘शौर्य’ मिसाइल (Shaurya Missile) के नए वर्जन का सफलतापूर्वक टैस्‍ट किया।  यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर दूर तक के ठिकानों को तबाह कर सकती है। पिछले टेस्ट में मिसाइल ने टार्गेट के करीब पहुंचकर हायपरसोनिक स्पीड पकड़ ली थी। इसके बाद से ही इसकी शक्ति का पता चलने लग गया था। डिफेंस के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर बनने के सपने को नई उड़ान मिल रही है। भारत ने हाल ही 400 किमी तक वार करने वाली ब्रह्मोस सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल का भी सफलतापूर्वक टैस्ट कर लिया है। 

ये है शौर्य की खासियत 

नई मिसाइल हल्‍की है और आसानी से ऑपरेट की जा सकती है। यह मिसाइल जमीन से जमीन में मार करती है और अपने साथ न्‍यूक्लियर पेलोड ले जा सकती है। चीन के साथ तनाव के बीच भारत ने हाल के दिनों में कई मिसाइलों और डिफेंस सिस्‍टम्‍स का टेस्‍ट किया है।

यह पनडुब्‍बी से लॉन्‍च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का जमीनी रूप है। टू-स्‍टेज रॉकेट वाली यह मिसाइल 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचने से पहले आवाज की छह गुना रफ्तार से चलती है। उसके बाद यह टारगेट की ओर बढ़ती है। 

यह मिसाइल क्रूज मिसाइल की तरफ खुद को टारगेट तक गाइड कर सकती है। मिसाइल की रफ्तार इतनी तेज है कि सीमा पार बैठे दुश्‍मन के रडार को इसे डिटेक्‍ट, ट्रैक करने और इंटरसेप्‍ट करने के लिए 400 सेकेंड्स से भी कम का वक्‍त मिलेगा। यानी जब तक दुश्मन कुछ सोच पाएगा, तब तक उसका काम खत्म हो जाएगा। इसे कम्‍पोजिट कैनिस्‍टर में स्‍टोर किया जा सकता है यानी आसानी से छिपाकर ले जाया जा सकता है। 

भारत बन रहा आत्मनिर्भर 

डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने पिछले महीने MBT अर्जुन टैंक से लेजर-गाइडेड ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (AGTM) का टेस्‍ट किया था। उससे पहले ‘अभ्‍यास’ हाई स्‍पीड एक्‍सपेंडेबल एरियल टारगेट (HEAT) का बालासोर में टेस्‍ट हुआ था। यह मिसाइल वेहिकल 5 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ सकता है।