बेड पर कपल्स को रहती है अपनी परफॉर्मेंस की चिंता, ये तरीके करेंगे मदद

शारीरिक संबंध को लेकर चिंता क्यों?


शारीरिक संबंध को लेकर चिंता क्यों?

व्यक्ति जब किसी मामले को लेकर तनाव और अवसाद में रहता है तो इसका सीधा असर उसकी सेक्स लाइफ पर पड़ता है। सेक्शुअल मेडिसीन रिव्यू में प्रकाशित शोध के अनुसार शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा के दौरान जब चिंता या तनाव रहता है तो वह शरीर के नर्व सिस्टम को प्रभावित करता है। यदि कपल्स अपने परफॉर्मेंस को लेकर इस चिंता करने की आदत पर काबू पा लें तो उनकी सेक्स लाइफ काफी बेहतर हो सकती है।

मेडिकल चेकअप करवाएं

मेडिकल चेकअप करवाएं

यदि किसी व्यक्ति को गठिया, शुगर या एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी परेशानी है तो वह शारीरिक संबंध बनाने के दौरान तनाव में आ सकते हैं। फिजिकल रिलेशन के समय में रक्त संचार प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में एक बार शारीरिक जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। यदि इंटिमेट पलों के दौरान तनाव के सही कारणों का पता चल जाए तो उस स्थिति में सुधार लाना ज्यादा आसान होगा।

अपने शरीर को समझें

अपने शरीर को समझें

पार्टनर के सामने अपनी शारीरिक बनावट को लेकर कई लोग खुद को हीन समझने लगते हैं। वहीं कई बार संबंध बनाने के समय अपने शरीर के प्रदर्शन को लेकर लोग शर्म करने लगते हैं। रिलेशनशिप में एक दूसरे पर भरोसा करना बहुत जरुरी है। साथ ही आपको अपने शरीर की बनावट को लेकर खुद सहज होना होगा।

फिजिकल रिलेशनशिप से जुड़ी शिक्षा

फिजिकल रिलेशनशिप से जुड़ी शिक्षा

वर्तमान समय में भी लोग शारीरिक संबंध से जुड़ी किसी भी तरह की दिक्कत पर खुल कर बात नहीं करते हैं और डॉक्टर के पास जाने से भी हिचकिचाते हैं। इस वजह से कई बार छोटी सी परेशानी बड़ी समस्या बन जाती है। इस बारे में सही जानकारी होना जरुरी है।

पार्टनर से करें बात

पार्टनर से करें बात

आपको अपने पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए। इंटिमेट होने से पहले अच्छा संवाद काफी मदद करता है। आप फिजिकल रिलेशन के बारे में क्या सोचते हैं उस पर चर्चा करें और साथ ही पार्टनर की राय भी जानें। आप पार्टनर से जितनी शर्म रखेंगे आपकी परफॉर्मेंस पर उतना ही असर पड़ेगा।

तनाव से बचने और मन शांत रखने के लिए टिप्स

तनाव से बचने और मन शांत रखने के लिए टिप्स

यदि आपका मन शारीरिक संबंध में अपने प्रदर्शन को लेकर परेशान रहता है तो आपको योग तथा ध्यान का सहारा लेना चाहिए। आपको अपने खानपान में ज्यादा तेल या वसायुक्त भोजन को शामिल नहीं करना चाहिए।



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