ट्विटर पर बोल रहे लोग, अगर भाजपा-सेना में फिर से हुआ गठबंधन तो छोड़ देंगे BJP का समर्थन

ट्विटर पर बोल रहे लोग, अगर भाजपा-सेना में फिर से हुआ गठबंधन तो छोड़ देंगे BJP का समर्थन

मुंबई, हाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना नेताओं के बीच में चुपचाप मीटिंग हो रही है, अब कयास लगाए जा रहे हैं कि महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना की फिर से सरकार बनने जा रही है और कभी भी राजनीतिक बदलाव आ सकता है लेकिन भाजपा के इस कदम से लोग नाराज हो रहे हैं, कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि अगर भाजपा ने ऐसा कदम उठाया तो वे भाजपा को समर्थन देना बंद कर देंगे, देखिये एक ट्वीट –

इससे पहले देवेंद्र फडणवीस के साथ चुपचाप मीटिंग पर संजय राउत ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है मैंने कुछ मुद्दों पर बातचीत करने के लिए काम उनसे मुलाकात की थी, वह पूर्व मुख्यमंत्री हैं, साथ ही विपक्ष के नेता हैं, साथ ही बिहार चुनाव के लिए भाजपा के इंचार्ज हैं। हमारी विचारधारा में भले ही अंतर हो लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं, मुख्यमंत्री उद्धव को इस मुलाकात की जानकारी थी।

सुशांत राजपूत मामले में जांच विल्कुल सही दिशा में जा रही थी, शिवसेना और गठबंधन सरकार ने इससे पहले FIR दर्ज होने से रोकने और CBI जांच होने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन न्यूज़ चैनलों की वजह से देश में ऐसा माहौल बन गया कि केंद्र ने CBI जांच भी मंजूर कर ली गयी, केंद्र ने NCB को भी जांच करने के लिए मुंबई भेजा और बॉलीवुड में ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ, रिया चक्रवर्ती सहित दर्जन भर लोग गिरफ्तार हुए और जेल भेजे गए लेकिन अचानक राजनीति में कुछ ऐसा हो गया कि सबकी उम्मीदों को झटका लग गया।

बात दरअसल ये थी कि केंद्र सरकार पर लोगों को भरोसा था, केंद्र में भाजपा है इसलिए भाजपा पर भी लोग भरोसा कर रहे थे जबकि शिवसेना पर से लोगों का भरोसा उठ गया था, क्योंकि शिवसेना ने मुंबई पुलिस के जरिये साबित मिटाने और जांच होने से रोकने का प्रयास किया था। लेकिन यह क्या? भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना सांसद संजय राउत की एक पांच सितारा होटल में चुपचाप मीटिंग हो गयी।

यह मीटिंग छोटी-मोटी नही बल्कि दो घंटे की हुई और दोनों नेताओं ने साथ में भोजन किया, जबकि संजय राउत की वजह से भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूटा था, संजय राउत ने उस समय भाजपा, मोदी को बहुत बुरा भला कहा था लेकिन देवेंद्र फडणवीस सबकुछ भूलकर संजय राउत से मिलने जा पहुंचे।

चलो, मुलाक़ात हुई कोई बात नहीं, लेकिन झुठ बोलकर जनता को गुमराह भी किया जा रहा है, भाजपा वालों का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस का सामना में इंटरव्यू छापने के लिए यह मीटिंग हुई थी, मतलब जनता मूर्ख है, आज तक तो भाजपा नेताओं ने सामना में कोई इंटरव्यू नहीं दिया। सामना तो शिवसेना का मुखपत्र है, शिवसेना नेता उसमें अपने विचार लिखते हैं तो भाजपा को उसमें इंटरव्यू देने की जरूरत क्या पड़ गयी। मतलब झूठ भी बोलना नहीं आता। अब संजय राउत से साफ़ कर दिया है कि यह मुलाकात सामना में इंटरव्यू के लिए नहीं थी, मतलब भाजपा साफ़ साफ झूठ बोल रही थी।

भाजपा नेताओं के झूठ, देवेंद्र फडणवीस के गलत कदम की वजह से सुशांत सिंह राजपूत के लिए न्याय की उम्मीदें कर रहे लोगों को झटका लगा है। अब लोग कह रहे हैं कि शिवसेना इस मामले में फंस रही है इसलिए भाजपा से मुलाकात करके केस दबाने की सेटिंग की गयी है। अब CBI और NCB इस मामले को दबा देगी और असली दोषी बच जाएंगे, यह हो हो सकता है कि शिवसेना और भाजपा की फिर से सरकार बन जाए।

सच ही कहा है कि राजनीति में कोई दोस्त या दुश्मन नहीं होता, लगो सिर्फ फायदे देखते हैं। सुशांत सिंह राजपूत पर भी शायद राजनीति की जा रही है। बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर सिंह आज JDU में शामिल हो जाएंगे और विधायक का चुनाव लड़ेंगे, हो सकता है कि वह मंत्री भी बन जाएं।