अनुपम खेर ने गलती से कविता का क्रेडिट दिया रामधारी सिंह दिनकर को, बाद में सुधारी गलती

अनुपम खेर ने गलती से कविता का क्रेडिट दिया रामधारी सिंह दिनकर को, बाद में सुधारी गलती

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों कोरोना से जंग लड़ने में योगदान देने और सोशल मीडिया पर प्रेरक पोस्ट करने को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक कविता पढ़ी। वीडियो पोस्ट में वे कविता पढ़ते नजर आए। इसमें उन्होंने कविता के लेखक का नाम रामधारी सिंह दिनकर बताया। बाद में जब उन्हें बताया गया कि ये कविता रामधारी सिंह दिनकर की नहीं इंदौर के कवि हर्षवर्धन प्रकाश की है, तो उन्होंने गलती में सुधार किया।

एक्टर ने गलती मानी

दरअसल, पिछले दिनों अनुपम खेर ने खुद के कविता पढ़ते हुए का वीडियो शेयर किया। इसके कैप्शन में अभिनेता ने लिखा,’ मौजूदा हालात में रामधारी सिंह दिनकर जी की ये पंक्तियां थोड़ा हौसला देती है। इन्हें सुनिये और अगर अच्छी लगें तो दूसरों के साथ भी शेयर कीजिए!’ इसके बाद कुछ जागरूक यूजर्स ने एक्टर को कमेंट कर बताया कि ये कविता रामधारी सिंह दिनकर नहीं इंदौर के कवि हर्षवर्धन प्रकाश की है। एक्टर ने गलती मानी और इसमें सुधार किया। उन्होंने लिखा,’मेरे एक मित्र ने बताया कि ये कविता रामधारी सिंह दिनकर जी की नहीं, बल्कि हर्षवर्धन प्रकाश की है। धन्यवाद हर्षवर्धन प्रकाश ऐसी प्रेरक कविता के लिए।’

यह भी पढ़ें : मोदी सरकार पर अनुपम खेर ने साधा निशाना, कहा- ‘छवि बनाने से ज्यादा जरूरी है जान बचाना’

इसके जवाब में कवि हर्षवर्धन प्रकाश ने लिखा,’ अनुपम खेर ने अपनी Instagram story में स्पष्ट कर दिया है कि ‘हो तिमिर कितना भी गहरा’ के वास्तविक कवि हर्षवर्धन प्रकाश हैं। शुक्रिया सर। उम्मीद है कि आप Twitter, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस कविता से जुड़ी अपनी पोस्ट में भी कवि को उसका जायज़ क्रेडिट देंगे।’ उन्होंने अनुपम के कविता पढ़ते हुए का वीडियो भी साथ में शेयर किया है।

यह भी पढ़ें : किरण खेर की तबीयत बिगड़ने की उड़ी अफवाह तो अनुपम खेर ने दी हेल्थ अपडेट

महानायक अमिताभ बच्चन भी कई बार ऐसी गलती कर चुके हैं, नववर्ष के मौके पर उन्होंने एक कविता दिनकर के नाम से ही शेयर की थी जो उनकी नहीं थी। हाल ही में उन्होंने एक कविता पाठ कर वीडियो बनाया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसे उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता बताया। बाद में जब उन्हें जानकारी मिली कि ये कविता गीतकार प्रसून जोशी की है, तो उन्हें क्रेडिट दिया।


Follow Us: | Google News | Dailyhunt News| Facebook | Instagram | TwitterPinterest | Tumblr |



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here