वेंटिलेटर बनाने में जुटी ये वाहन निर्माता कंपनी

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दुनिया की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने इन दिनों कोरोनावायरस महामारी से लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपकरण यानी वेंटिलेटर्स की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है. इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने पर्याप्त वेंटिलेटर की कमी का हवाला देते हुए ऑटोमोबाइल कंपनियों ने विशेष अनुरोध किया था कि वे अधिक से अधिक वेंटिलेटर बनाने में सरकार की मदद करें. कुछ बड़ी कार निर्माता कंपनियों Maruti Suzuki और Mahindra & Mahindra ने इस काम को सकारात्मक रूप से शुरू भी कर दिया है. इसमें सबसे खास बात तो यह कि हेल्थ केयर पार्टनर के साथ टाइ-अप में मारुति सुजुकी ने 20 दिनों में लगभग 1,500 से अधिक वेंटिलेटर बना चुकी हैं. फिलहाल समस्या यह है कि इस समय इन वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है क्योंकि कंपनी अभी भी सरकार के ऑर्डर लेने की प्रतीक्षा कर रही है.

मीडिया से बातचीत में Maruti Suzuki के चेयरमैन, आर सी भार्गव ने कहा, “सरकार ने हमसे वेटिलेटर की महत्वपूर्ण कमी को लेकर अनुरोध किया. HLL लाइफकेयर (सरकारी उद्यम) ने वेंटिलेटर का एक निरीक्षम किया है जिसे हमने बनाया है, दुर्भाग्य से वे अभी तक हमें रिपोर्ट नहीं भेज पाए हैं. हम अभी भी उनके आदेशों का इंतजार कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इन वेंटिलेटरों को कहां डिस्पेच किया जा सकता है.”

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि वेंटिलेटर एक ऐसी मशीन है, जो खुद से सांस लेने में असमर्थ लोगों को कृत्रिम रूप से सांस देने में सहायक है. इसमें कंप्रेस्ड ऑक्सीजन का अन्य गैसों के साथ इस्तेमाल किया जाता है. क्योंकि वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा 21 फीसद ही होती है. इसके जरिए रोगियों को जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है, जो फेफड़े को सांस छोड़ने में मदद करती है.

दुनिया की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने इन दिनों कोरोनावायरस महामारी से लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपकरण यानी वेंटिलेटर्स की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है. इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने पर्याप्त वेंटिलेटर की कमी का हवाला देते हुए ऑटोमोबाइल कंपनियों ने विशेष अनुरोध किया था कि वे अधिक से अधिक वेंटिलेटर बनाने में सरकार की मदद करें. कुछ बड़ी कार निर्माता कंपनियों Maruti Suzuki और Mahindra & Mahindra ने इस काम को सकारात्मक रूप से शुरू भी कर दिया है. इसमें सबसे खास बात तो यह कि हेल्थ केयर पार्टनर के साथ टाइ-अप में मारुति सुजुकी ने 20 दिनों में लगभग 1,500 से अधिक वेंटिलेटर बना चुकी हैं. फिलहाल समस्या यह है कि इस समय इन वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है क्योंकि कंपनी अभी भी सरकार के ऑर्डर लेने की प्रतीक्षा कर रही है.

मीडिया से बातचीत में Maruti Suzuki के चेयरमैन, आर सी भार्गव ने कहा, “सरकार ने हमसे वेटिलेटर की महत्वपूर्ण कमी को लेकर अनुरोध किया. HLL लाइफकेयर (सरकारी उद्यम) ने वेंटिलेटर का एक निरीक्षम किया है जिसे हमने बनाया है, दुर्भाग्य से वे अभी तक हमें रिपोर्ट नहीं भेज पाए हैं. हम अभी भी उनके आदेशों का इंतजार कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इन वेंटिलेटरों को कहां डिस्पेच किया जा सकता है.”

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि वेंटिलेटर एक ऐसी मशीन है, जो खुद से सांस लेने में असमर्थ लोगों को कृत्रिम रूप से सांस देने में सहायक है. इसमें कंप्रेस्ड ऑक्सीजन का अन्य गैसों के साथ इस्तेमाल किया जाता है. क्योंकि वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा 21 फीसद ही होती है. इसके जरिए रोगियों को जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है, जो फेफड़े को सांस छोड़ने में मदद करती है.