Microsoft Teams में आया बड़ा बग पूरी कंपनी का डाटा हो सकता है चोरी

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कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके चलते लोगों ने बिजनेस मीटिंग करने से लेकर ऑनलाइन क्लासेज लेने तक के लिए जूम एप जैसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप का उपयोग किया है। लेकिन इस दौरान हैकर्स ने भी ऐसे मोबाइल एप को अपना निशाना बनाया है और यूजर्स का डाटा हैक किया है। हाल ही में जूम एप की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद से ही गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने इस एप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।

वहीं, अब एक और रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि एक वायरस वाली GIF ने माइक्रोसॉफ्ट टीम का डाटा चोरी करने की कोशिश की है। इसके साथ ही साइबरअर्क की रिपोर्ट साइबरअर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वायरस वाली GIF ने फरवरी से लेकर मार्च के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट टीम का डाटा हैक करने का प्रयास किया था। साथ ही कई अहम जानकारी लीक करने की कोशिश की थी। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने प्लेटफॉर्म पर आए इस बग को पूरी तरह से हटा दिया है। साथ ही अब कंपनी का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है।

हैकर्स ने बनाई डोनाल्ड डक की GIF

इस वायरस वाली GIF ने माइक्रोसॉफ्ट टीम के डेस्कटॉप और वेब ब्राउजर को प्रभावित किया था। इसके अलावा हैकर्स ने इस जीफ फाइल के जरिए माइक्रोसॉफ्ट के दो सबडोमेन को हैक करने की कोशिश की थी, जिसमें aadsync-test.teams.microsoft.com और data-dev.teams.microsoft.com शामिल हैं। अगर हैकर्स को इन दोनों सबडोमेन का एक्सेस मिलता, तो वह आसानी से एक टोकन क्रिएट कर कंपनी का सारा डाटा हैक कर सकते थी।

वहीं, दूसरी तरफ सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा हैं कि हैकर्स ने डाटा हैक करने के लिए डोनाल्ड डक की GIF बनाई थी, जिससे माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी ऑथेटिकेट टोकन को छोड़ने पर मजबोर हो जाए और डाटा पर से सुरक्षा कवच हट जाए। साइबरअर्क की रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर्स ने माइक्रोसॉफ्ट की कमजोरी का उपयोग कर एक खास तरह की GIF बनाई थी, जिसने बड़ी संख्या में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों को प्रभावित किया था।

माइक्रोसॉफ्ट ने डाटा किया सुरक्षित

माइक्रोसॉफ्ट ने 23 मार्च को ही इस खतरनाक GIF को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। साथ ही कंपनी ने कहा था कि अब हमारा डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है। आपको बता दें कि इस बग की जानकारी साइबरअर्क ने ही कंपनी को दी थी। वहीं, साइबर सिक्योरिटी कंपनी साइबरअर्क ने कहा है कि हमें नहीं पता है कि यह बग कब से माइक्रोसॉफ्ट के प्लेटफॉर्म पर मौजूद है। लेकिन हमें यह जानकर खुशी की माइक्रोसॉफ्ट ने इस बग का पता चलते ही अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। अब कंपनी का और उनके कर्मचारियों का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है।

कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके चलते लोगों ने बिजनेस मीटिंग करने से लेकर ऑनलाइन क्लासेज लेने तक के लिए जूम एप जैसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप का उपयोग किया है। लेकिन इस दौरान हैकर्स ने भी ऐसे मोबाइल एप को अपना निशाना बनाया है और यूजर्स का डाटा हैक किया है। हाल ही में जूम एप की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद से ही गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने इस एप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।

वहीं, अब एक और रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि एक वायरस वाली GIF ने माइक्रोसॉफ्ट टीम का डाटा चोरी करने की कोशिश की है। इसके साथ ही साइबरअर्क की रिपोर्ट साइबरअर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वायरस वाली GIF ने फरवरी से लेकर मार्च के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट टीम का डाटा हैक करने का प्रयास किया था। साथ ही कई अहम जानकारी लीक करने की कोशिश की थी। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने प्लेटफॉर्म पर आए इस बग को पूरी तरह से हटा दिया है। साथ ही अब कंपनी का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है।

हैकर्स ने बनाई डोनाल्ड डक की GIF

इस वायरस वाली GIF ने माइक्रोसॉफ्ट टीम के डेस्कटॉप और वेब ब्राउजर को प्रभावित किया था। इसके अलावा हैकर्स ने इस जीफ फाइल के जरिए माइक्रोसॉफ्ट के दो सबडोमेन को हैक करने की कोशिश की थी, जिसमें aadsync-test.teams.microsoft.com और data-dev.teams.microsoft.com शामिल हैं। अगर हैकर्स को इन दोनों सबडोमेन का एक्सेस मिलता, तो वह आसानी से एक टोकन क्रिएट कर कंपनी का सारा डाटा हैक कर सकते थी।

वहीं, दूसरी तरफ सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा हैं कि हैकर्स ने डाटा हैक करने के लिए डोनाल्ड डक की GIF बनाई थी, जिससे माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी ऑथेटिकेट टोकन को छोड़ने पर मजबोर हो जाए और डाटा पर से सुरक्षा कवच हट जाए। साइबरअर्क की रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर्स ने माइक्रोसॉफ्ट की कमजोरी का उपयोग कर एक खास तरह की GIF बनाई थी, जिसने बड़ी संख्या में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों को प्रभावित किया था।

माइक्रोसॉफ्ट ने डाटा किया सुरक्षित

माइक्रोसॉफ्ट ने 23 मार्च को ही इस खतरनाक GIF को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। साथ ही कंपनी ने कहा था कि अब हमारा डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है। आपको बता दें कि इस बग की जानकारी साइबरअर्क ने ही कंपनी को दी थी। वहीं, साइबर सिक्योरिटी कंपनी साइबरअर्क ने कहा है कि हमें नहीं पता है कि यह बग कब से माइक्रोसॉफ्ट के प्लेटफॉर्म पर मौजूद है। लेकिन हमें यह जानकर खुशी की माइक्रोसॉफ्ट ने इस बग का पता चलते ही अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। अब कंपनी का और उनके कर्मचारियों का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है।