भारत में नौकरी को लेकर गूगल पर हो रहा सबसे अधिक सर्च

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लॉकडाउन के कारण देश की आधे से अधिक आबादी घरों में कैद है। कोई रोज-रोज नए पकवान बना रहा है तो कोई दोस्तों के साथ ऑनलाइन गेम खेल रहा है। इस समय यह जानना बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों के दिमाग में क्या चल रहा है? क्या उन्हें अपनी नौकरी की चिंता है? क्या उन्हें मंदी की फिक्र सता रही है? आइए इसे गूगल ट्रेंड के जरिए समझने की कोशिश करते हैं। लॉकडाउन की अवधि में बढ़ा तनाव गूगल के शुरुआती रुझानों के मुताबिक भारत में लॉकडाउन के साथ-साथ लोगों में तनाव का स्तर भी बढ़ रहा है। लोग गूगल पर तनावमुक्त होने के तरीके भी सर्च कर रहे हैं। हाल ही में एक सर्वे में यह बात सामने आई थी कि लॉकडाउन के कारण लोगों को कई तरह की चिंताएं सता रही हैं। दिनरात नौकरी, घर-परिवार और पैसों के बारे में सोच-सोचकर लोगों की मानसिक स्थिति खराब हो रही है। इंडियन साइकिएट्रिक सोसाइटी के सर्वे से पता चला है कि लॉकडाउन में मानसिक बीमारियों से संबंधित मामलों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।

थेरेपी को लेकर हो रहे सर्च

अंडमान निकोबार द्वीप समूह, मिजोरम और पुदुचेरी जैसे इलाकों में तनाव कम करने की थेरेपी को लेकर काफी सर्चेज हो रहे हैं, जबकि बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस तरह की सर्चेज अपेक्षाकृत कम हुई हैं। आत्महत्याओं को लेकर गूगल पर होने वाले सर्चेज में भी कमी देखने को मिल रही है। विगत 29 मार्च को जर्मनी के वित्त मंत्री थॉमस शेफर ने आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद गूगल पर आत्महत्या कीवर्ड काफी सर्च किया गया लेकिन बाद में अचानक से कम भी हो गया।

भारत में जॉब को लेकर सबसे ज्यादा सर्च

नौकरी या जॉब को लेकर भारत में अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा सर्चेज हो रहे हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भारत में बेरोजगारी तेजी से बढ़ेगी। शहर में बेरोजगार होने वालों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। इस रिपोर्ट के बाद लोग गूगल पर नौकरी को लेकर बहुत ज्यादा सर्च कर रहे हैं।

लॉकडाउन के कारण देश की आधे से अधिक आबादी घरों में कैद है। कोई रोज-रोज नए पकवान बना रहा है तो कोई दोस्तों के साथ ऑनलाइन गेम खेल रहा है। इस समय यह जानना बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों के दिमाग में क्या चल रहा है? क्या उन्हें अपनी नौकरी की चिंता है? क्या उन्हें मंदी की फिक्र सता रही है? आइए इसे गूगल ट्रेंड के जरिए समझने की कोशिश करते हैं। लॉकडाउन की अवधि में बढ़ा तनाव गूगल के शुरुआती रुझानों के मुताबिक भारत में लॉकडाउन के साथ-साथ लोगों में तनाव का स्तर भी बढ़ रहा है। लोग गूगल पर तनावमुक्त होने के तरीके भी सर्च कर रहे हैं। हाल ही में एक सर्वे में यह बात सामने आई थी कि लॉकडाउन के कारण लोगों को कई तरह की चिंताएं सता रही हैं। दिनरात नौकरी, घर-परिवार और पैसों के बारे में सोच-सोचकर लोगों की मानसिक स्थिति खराब हो रही है। इंडियन साइकिएट्रिक सोसाइटी के सर्वे से पता चला है कि लॉकडाउन में मानसिक बीमारियों से संबंधित मामलों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।

थेरेपी को लेकर हो रहे सर्च

अंडमान निकोबार द्वीप समूह, मिजोरम और पुदुचेरी जैसे इलाकों में तनाव कम करने की थेरेपी को लेकर काफी सर्चेज हो रहे हैं, जबकि बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस तरह की सर्चेज अपेक्षाकृत कम हुई हैं। आत्महत्याओं को लेकर गूगल पर होने वाले सर्चेज में भी कमी देखने को मिल रही है। विगत 29 मार्च को जर्मनी के वित्त मंत्री थॉमस शेफर ने आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद गूगल पर आत्महत्या कीवर्ड काफी सर्च किया गया लेकिन बाद में अचानक से कम भी हो गया।

भारत में जॉब को लेकर सबसे ज्यादा सर्च

नौकरी या जॉब को लेकर भारत में अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा सर्चेज हो रहे हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भारत में बेरोजगारी तेजी से बढ़ेगी। शहर में बेरोजगार होने वालों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। इस रिपोर्ट के बाद लोग गूगल पर नौकरी को लेकर बहुत ज्यादा सर्च कर रहे हैं।