Google ने प्ले-स्टोर से डिलीट किए फालतू विज्ञापन वाले ये 38 एप्स


गूगल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 एप्स को प्ले-स्टोर से हटा दिया है। एक रिसर्च पेपर में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद गूगल ने यह फैसला लिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि इनमें से अधिकतर एप्स सेल्फी और ब्यूटी सेल्फी वाले थे। ये सभी एप्स लोगों को बिना मतलब विज्ञापन दिखा रहे थे। इसके अलावा ये एप्स लोगों को मैलवेयर वाले विज्ञापन भी दिखा रहे थे। इन एप्स की डाउनलोडिंग संख्या करोड़ों में है। 

इन एप्स के बारे में White Ops ने जानकारी दी थी और फिर ZDNet ने इस रिपोर्ट को सबसे पहले प्रकाशित किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतर एप्स एक ही डेवलपर्स ग्रुप द्वारा बनाए गए हैं।रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार 38 में से 21 एप्स को पिछले साल जनवरी में पहली बार गूगल प्ले-स्टोर पर पब्लिश किया गया था। ये सभी एप्स फिल्टर सेल्फी वाली थे, लेकिन मैलवेयर बिहैवियर के कारण इन सभी एप्स को प्ले-स्टोर से कुछ दिनों बाद ही हटा दिया गया। महज तीन सप्ताह के अंदर ही इन एप्स को पांच लाख से अधिक यूजर्स ने डानउनलोड किया था।

सितंबर 2029 में डेवलपर्स ने अन्य 15 एप्स को भी प्ले-स्टोर पर पब्लिश किया। इसके बाद नवंबर में भी दो नए एफ्स पब्लिश किए गए जिनके नाम Rose Photo Editor & Selfie Beauty Camera और Pinut Selife Beauty Camera & Photo Editor भी प्ले-स्टोर पर आए।इनमें से अधिकतर एप्स में packers था जो कि एपीके के रूप में एप में छिपा था। दरअसल अधिकतर डेवलपर्स अपने एप्स में मैलवेयर को छिपाने के लिए इसी पैकर्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा अपने मैलवेयर एप्स को छिपाने के लिए एप के सोर्स कोड में अरबी कैरेक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

गूगल ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 एप्स को प्ले-स्टोर से हटा दिया है। एक रिसर्च पेपर में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद गूगल ने यह फैसला लिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि इनमें से अधिकतर एप्स सेल्फी और ब्यूटी सेल्फी वाले थे। ये सभी एप्स लोगों को बिना मतलब विज्ञापन दिखा रहे थे। इसके अलावा ये एप्स लोगों को मैलवेयर वाले विज्ञापन भी दिखा रहे थे। इन एप्स की डाउनलोडिंग संख्या करोड़ों में है। 

इन एप्स के बारे में White Ops ने जानकारी दी थी और फिर ZDNet ने इस रिपोर्ट को सबसे पहले प्रकाशित किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतर एप्स एक ही डेवलपर्स ग्रुप द्वारा बनाए गए हैं।रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार 38 में से 21 एप्स को पिछले साल जनवरी में पहली बार गूगल प्ले-स्टोर पर पब्लिश किया गया था। ये सभी एप्स फिल्टर सेल्फी वाली थे, लेकिन मैलवेयर बिहैवियर के कारण इन सभी एप्स को प्ले-स्टोर से कुछ दिनों बाद ही हटा दिया गया। महज तीन सप्ताह के अंदर ही इन एप्स को पांच लाख से अधिक यूजर्स ने डानउनलोड किया था।

सितंबर 2029 में डेवलपर्स ने अन्य 15 एप्स को भी प्ले-स्टोर पर पब्लिश किया। इसके बाद नवंबर में भी दो नए एफ्स पब्लिश किए गए जिनके नाम Rose Photo Editor & Selfie Beauty Camera और Pinut Selife Beauty Camera & Photo Editor भी प्ले-स्टोर पर आए।इनमें से अधिकतर एप्स में packers था जो कि एपीके के रूप में एप में छिपा था। दरअसल अधिकतर डेवलपर्स अपने एप्स में मैलवेयर को छिपाने के लिए इसी पैकर्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा अपने मैलवेयर एप्स को छिपाने के लिए एप के सोर्स कोड में अरबी कैरेक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं।