VIVO के फर्जीवाड़े की शिकायत सरकार तक JIO से मांगा 1 IMEI पर चल रहे मोबाइल का रिकॉर्ड


एक ही आईएमईआई (IMEI) नंबर पर कई मोबाइल नंबर संचालित होने का गंभीर मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। VIVO कंपनी के मोबाइल में फर्जीवाड़े पर नोटिस जारी हो चुका है और इसकी शिकायत केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तक पहुंचा दी गई है। VIVO ने अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। वहीं यूपी की मेरठ पुलिस ने JIO कंपनी से एक आईएमईआई (IMEI) पर संचालित हो रहे 13,557 मोबाइल नंबरों का ब्यौरा मांगा है, ताकि इन नंबरों की देश की सुरक्षा तथा आपराधिक गतिविधियों में प्रयोग की आशंका न रहे। कहा जा रहा है कि जल्द ही उन सभी लोगों के मोबाइल फोन जब्त हो सकते हैं, जो एक ही IMEI नंबर पर चलते पाए गए हैं।

शनिवार को एसएसपी अजय साहनी ने बताया, पुलिस एक IMEI पर चल रहे 13,557 मोबाइलों की आईडी खंगाल रही है। जांच हो रही है कि इन मोबाइल नंबरों का प्रयोग कौन कर रहा है और इनका IMEI नंबर कैसे बदल गया।

यह था मामला: ADG ऑफिस में तैनात दारोगा आशाराम ने 9 मार्च 2017 को VIVO कंपनी का मोबाइल फोन खरीदा था। मोबाइल खराब होने पर 24 सितंबर 2019 को ब्रह्मापुरी के शारदा रोड स्थित VIVO सर्विस सेंटर पर सुधारने को दिया। स्क्रीन, डिस्प्ले, एफएम बोर्ड बदलने की बात कहकर उनसे 2650 रुपए वसूले गए। घर आकर उन्होंने देखा तो मोबाइल का IMEI नंबर बदला हुआ था। दारोगा की शिकायत पर ADG ने मेरठ साइबर सेल को जांच के आदेश दिए। साइबर सेल ने JIO कंपनी से IMEI रन कराई तो पता चला कि 13,557 मोबाइल एक ही IMEI पर चल रहे हैं। केस दर्ज कर साइबर सेल को जांच दी गई। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह के अनुसार ने बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है। एक ही IMEI नंबर दूसरे मोबाइल फोन पर नहीं चल सकता। कंपनी से पूछा गया है कि ऐसा कैसे हो रहा है? यह कोई टेक्निकल समस्या तो नहीं है।

ट्राई के नियमों का उल्लंघन: साइबर सेल ने पूरे मामले में VIVO India के नोडल अधिकारी को नोटिस देकर पूछा कि ट्राई के किस नियम के अनुसार एक IMEI एक से ज्यादा मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। अभी तक कंपनी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। साइबर सेल ने माना है कि इस मामले में मोबाइल कंपनी की लापरवाही और ट्राई के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी कंपनी खामोश है।