'हार का एहसास हो गया, अब भारत माता और जय श्री राम के सहारे चुनाव की वैतरणी पार करना चाहते हैं मोदी' 

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राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी को बिहार के चुनाव में हार का एहसास हो गया लगता है. इसलिए उनकी भाषा बदल गई है. अब वे भारत माता और जय श्री राम के सहारे चुनाव की वैतरणी पार करना चाहते हैं. यही उनका ब्रह्मास्त्र है.

एक बयान में शिवानंद तिवारी ने कहा कि पिछले छह वर्षों से केंद्र में प्रचंड बहुमत के साथ उनकी सरकार है. देश के अधिकांश प्रांतों में प्रधानमंत्री जी की पार्टी की ही सरकार है. लेकिन आज भी सकारात्मक मुद्दों पर चुनाव जीत पाने का आत्मविश्वास वे अपने में पैदा नहीं कर पाए हैं. लेकिन अब बहुत विलंब हो चुका है. बिहार के लोगों ने एक भ्रष्ट और अनैतिक सरकार से मुक्ति पाने का मन बना लिया है.

तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी जब भारत माता की बात करते हैं तो उसमें भारत माता की संतानों का कोई स्थान नहीं होता है. हमारी भारत माता के 135 करोड़ संतान हैं. आज वे संतान गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और गैर बराबरी से त्रस्त हैं. उनको इन समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री जी क्या कर रहे हैं, कभी इसका खुलासा वे नहीं करते हैं. अपने मन की सुनाते हैं! लेकिन भारत माता की संतानों के मन की बात कभी नहीं सुनते हैं. बिल्कुल प्रवचनी अंदाज में एकतरफा संवाद में वो विश्वास करते हैं.

शिवानंद तिवारी ने कहा कि चंपारण की चुनावी सभा में उन्होंने 370, राम मंदिर, नागरिकता कानून में संशोधन आदि की चर्चा की लेकिन बेरोजगारी के सवाल पर वे बिल्कुल मौन रहे. राजद नेता ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री जी ने दो करोड़ युवाओं को प्रतिवर्ष काम देने का वादा किया था.

उनकी नीतियों के चलते नए रोजगार का सृजन नहीं हुआ. जो सृजित रोजगार थे, वह भी बड़े पैमाने पर समाप्त हो गए. कहा कि विशेष रूप से नोटबंदी ने तो गरीबों की कमर ही तोड़ दी. एक दफा उन्होंने नारा दिया था ‘मेक इन इंडिया’ और यह दावा किया था कि इस योजना से बेरोजगारी का सफाया होगा, मगर बेरोजगारी सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी है.

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी किसी बिरादरी या धर्म के युवाओं का नहीं बल्कि सभी नौजवानों के लिए जीवन-मरण का सवाल है. कहा कि प्रधानमंत्री जी लाख कोशिश करें लेकिन बेरोजगारी के सवाल को बिहार के युवा छोड़ने वाले नहीं हैं. इसी सवाल पर नीतीश कुमार की सरकार को सत्ता से बेदखल करने का युवाओं ने संकल्प ले लिया है.

शिवानंद तिवारी ने कहा कि बिहार का यह चुनाव प्रधानमंत्री जी के लिए भी एक चेतावनी है. बहुत हो गई जुमलेबाजी. 2014 के लोकसभा चुनाव अभियान में आपने जो रोजगार का, किसानों की आमदनी दोगुनी करने का, अच्छे दिन का जो वायदा किया था उसको जमीन पर उतारिए या बोरिया-बिस्तर समेटिए.