हाथरस की नकली भाभी पर एक और खुलासा, CAA-NRC के विरोध में जमात-ए-इस्लामी का दिया था साथ

हाथरस की नकली भाभी पर एक और खुलासा, CAA-NRC के विरोध में जमात-ए-इस्लामी का दिया था साथ

हाथरस,  हाथरस की नकली भाभी उर्फ़ जलबपुर की डॉ राजकुमारी बंसल के बारें में अब तक कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं, इसी कड़ी में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, डॉ राजकुमारी बंसल का एक वीडियो सामने आया है, कुछ दिन पुराने इस वीडियो में राजकुमारी बंसल जमात-ए-इस्लामी नाम के एक संगठन के साथ सड़कों पर उतरी थी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में विवादस्पद भाषण भी दिया था.

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में बतौर डॉक्टर तैनात राजनकुमारी बंसल ने हाथरस, उन्नाव और कठुआ जैसे तमाम मुद्दे उठाये और सिस्टम पर सवाल खड़े किये, राजकुमारी बंसल ने उसी स्थान पर जमात-ए-इस्लामी के साथ मंच साझा किया जहाँ नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) और एनआरसी को लेकर दंगा हुआ था. सरकारी पद पर रहते हुए सरकार विरोधी जनसभा में राजकुमारी बंसल के इस भाषण पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

बता दें कि राजकुमारी बंसल एक निजी काम का हवाला देते हुए हाथरस पहुंची थी, पीड़ित परिवार के साथ कई दिनों तक रही थी, राजकुमारी बंसल ने खुद को पीड़ित लड़की की भाभी बताते हुए मीडिया से भी बात की थी, जिसके बाद जांच में उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे. सवाल इसलिए भी खड़ा हुआ था क्योंकि बार-बार उन्हें इससे पहले भी नोटिस दिया गया था.

डॉ राजकुमारी बंसल उर्फ़ हथरस वाली नकली भाभी नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज जबलपुर में कार्यरत हैं लेकिन 10 फीसदी से भी कम इनकी उपस्थिति रहती है. राजकुमारी बंसल की लगभग २ लाख रुपए सैलरी है, मुफ्त आवास भी मिला व् कई अन्य प्रकार के भत्तों को भी लाख लेती हैं., राजकुमारी बंसल से प्रिंसिपल से लेकर डीन सब इससे डरते हैं, क्योंकि इसका सबसे बड़ा हथियार है SC/ST एक्ट, कोई कुछ बोलता है तो तत्काल SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी देती है।

आरोप है कि आगरा में हुए संजलि हत्याकांड में डॉक्टर राजकुमारी बंसल मौसी बनकर आई थी, आपको बता दें कि आगरा में लालऊ गांव की संजलि को 18 दिसंबर, 2018 को स्कूल से घर लौटते समय रास्ते में जिंदा जला दिया गया था।