सेक्स के दौरान हो सकता है पुरुषों के लिंग में दर्द , जानिए क्या है इसका कारण

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लिंग का दर्द लिंग के ऊपर, बीच या नीचे के हिस्से को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा यह दर्द लिंग के ऊपर की स्किन को भी प्रभावित कर सकता है. लिंग में दर्द के साथ-साथ खुजली या जलन भी महसूस हो सकती है. लिंग में दर्द की तीव्रता उसके होने के कारण पर निर्भर करती है. अगर आपको चोट आदि लगी है, तो दर्द गंभीर हो सकता है और अचानक उभर सकता है. अन्य मामलों में पेनिस में दर्द हल्का होता है. लिंग में किसी भी प्रकार का दर्द होना चिंता का कारण हो सकता है, खासकर अगर यह लिंग स्तंभन के दौरान होता है, पेशाब करने में दिक्कत पैदा करता है या पेनिस में छाले, लालिमा, सूजन या किसी प्रकार का डिस्चार्ज (स्त्राव) के साथ हो रहा हो.

लिंग में दर्द के लक्षण – लिंग में दर्द के लक्षण व संकेत क्या हो सकते हैं?

लिंग के कौन से हिस्से में दर्द है, उसके आधार पर दर्द के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं –

लिंग का आंतरिक हिस्सा जो पेट की दीवार (abdominal wall) से जुड़ा होता है. लिंग के इस हिस्से को “पेनिस रूट” (penis root: जड़) कहा जाता है.

लिंग का मुख्य बाहरी हिस्सा, इसे “पेनिस शॉफ्ट” (penis shaft) कहा जाता है.

लिंग के ऊपर का हिस्सा, इसे “पेनिस हेड” (शिश्न मुंड; penis head) कहा जाता है.

लिंग की ट्यूब, जिसके माध्यम से लिंग के अंदर से वीर्य और मूत्र बाहर आते हैं. इसे “यूरेथ्रा” (Urethra) कहा जाता है.

लिंग में दर्द के लक्षण अचानक से या धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं. दर्द तेज, मंद या रह-रह कर महसूस हो सकता है. यह कुछ घंटों से कुछ दिन तक लगातार रह सकता है या सिर्फ कुछ पलों के लिए भी हो सकता है.

कुछ मामलों में लिंग का दर्द रोजाना के काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जैसे यौन संबंध बनाना, पेशाब करना, व्यायाम करना आदि. अन्य मामलों में लिंग का दर्द केवल एक मामूली तकलीफ ही बनता है और जल्दी ही ठीक हो जाता है.

लिंग (पेनिस) में दर्द के कारण – 

यहाँ कुछ आम कारण बताये जा रहे हैं जिनकी वजह से पेनिस में दर्द हो सकता है –

मूत्रमार्ग (मूत्राशय की ट्यूब या यूरेथ्रा) में संक्रमण की वजह से पेशाब करने में दर्द हो सकता है. यूरेथ्राइटिस अक्सर यौन संचारित संक्रमण के कारण होता है. यह लिंग में मवाद पैदा कर सकता है और गंभीर दर्द व सूजन का कारण बन सकता है.

किटाणुओं की वजह से मूत्राशय में संक्रमण (जिसे “सिस्टाइटिस” कहते हैं; cystitis) होने के कारण भी लिंग में दर्द हो सकता है.

पौरुष ग्रंथि में संक्रमण या सूजन (जिसे “प्रोस्टाटाईटिस” कहते हैं; prostatitis) के कारण भी लिंग में दर्द हो सकता है, जो खासकर स्खलन के दौरान होता है. (और पढ़ें – प्रोस्टेट कैंसर का इलाज)

मूत्राशय में या गुर्दे से मूत्राशय में पेशाब ले जाने वाली किसी ट्यूब (Ureters) में पथरी होने से भी लिंग में दर्द पैदा हो सकता है.

अगर लिंग की चमड़ी अत्याधिक टाइट है और शिश्न मुंड (पेनिस हेड) से वापस नहीं जाती, तो इस समस्या को “फिमॉसिस” (Phimosis) कहा जाता है. यह 6 साल तक के बच्चों में काफी आम होती है, लेकिन बड़े होने के बाद यह समस्या नहीं होनी चाहिए. अगर यह पीछे नहीं हटती तो यह शिश्न-मुंड (पेनिस हेड) तथा ऊपरी चमड़ी में संक्रमण का कारण बन सकती है, क्योंकि यह कीटाणु तथा फंगस (कवक) आदि के लिए गर्म और नम जगह का काम करती है, जिसमें वे आसानी से बढ़ सकते हैं. इससे पेनिस में दर्द हो सकता है, खास तौर से संभोग के दौरान.

कई बार शिश्न-मुंड (पेनिस हेड) के ऊपर की चमड़ी टाइट होने के बावजूद पीछे खिंच तो जाती है लेकिन वापिस ऊपर नहीं आ पाती. ऐसे में वह मुंड के पीछे इकट्ठा होकर फंस जाती है, जिससे लिंग की नसें रुक जाती हैं और पेनिस हेड में सूजन आ जाती है. शिश्न मुंड में इतनी सूजन आ सकती है कि त्वचा फिर वापस उसके ऊपर न जा पाए. इसे स्थिति को “पैराफिमॉसिस” (paraphimosis) के नाम से जाना जाता है और यह काफी दर्दनाक होती है. पैराफिमॉसिस को ठीक करने के लिए तुरंत ऑपरेशन करने की जरूरत होती है.

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