सेक्सुअल लाइफ में साइज के अलावा पुरुषों के मन में इन चीजों का भी बना रहता है डर, जानें कारण

पुरुषों के मन में भी रहती है उथल पुथल


पुरुषों के मन में भी रहती है उथल पुथल

कोई भी पुरुष इस विचार से ही घबरा उठता है कि क्या होगा यदि वह अपनी पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाएगा। इस खौफ से ही वह खुद को हीन समझने लगता है। इस विचार को लेकर उसके मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं जो उन्हें मानसिक तौर पर बहुत परेशान करते हैं। उनके जेहन में इस तरह के सवाल भी खड़े होने लगते हैं कि क्या उनकी पार्टनर यौन संतुष्टि के लिए किसी अन्य पुरुष से रिश्ता जोड़ लेगी। इस तरह की बातों के बारे में पुरुष जितना ज्यादा सोचता है उसका नकारात्मक प्रभाव उसके प्रदर्शन पर भी होता है। इस वजह से कई बार वो अपनी महिला साथी को संतुष्ट नहीं कर पाता है।

आकार पर है भिन्न विचार

आकार पर है भिन्न विचार

जिन पुरुषों के प्राइवेट पार्ट का आकार सामान्य से कम है तो उनके मन में हीन भावना आ जाती है। वो डरते हैं कि उनका लिंग छोटा है और वो अपनी महिला पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट उनके भय को आश्वासन के साथ दूर करने का प्रयास करते हैं। उन्हें बताया जाता है कि इसके आकार का यौन संतुष्टि से ज्यादा संबंध नहीं है और कई महिलाएं आकार की तरफ ध्यान भी नहीं देती हैं। इस विषय के जानकारों कि मानें तो पुरुषों के लिंग के आकार के बारे में महिलाओं से ज्यादा पुरुष ही चिंतित रहते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक महिला पार्टनर को संतुष्टि प्रदान करने के लिए उत्तेजित लिंग का आकार पांच सेमी (दो इंच) या इससे अधिक रहने पर परेशान होने की जरुरत नहीं है।

प्रेगनेंसी से जुड़ा विचार

प्रेगनेंसी से जुड़ा विचार

परिवार आगे बढ़ाने में महिला के साथ साथ पुरुष का स्वस्थ होना भी बेहद जरूरी है। ऐसा जरुरी नहीं है कि हर बार शारीरिक संबंध बनाने का मतलब महिला को गर्भवती बनाना है। मगर कई बार पुरुषों के जेहन में अपनी प्रजनन क्षमता को लेकर सवाल चलते रहते हैं। उनके दिमाग में जब अपनी पार्टनर को गर्भवती न कर पाने का विचार चलता रहता है तब वो एनोरेक्सिया से पीड़ित हो जाते हैं। इसका सीधा असर उनकी परफॉरमेंस पर पड़ता है। उनके प्रदर्शन में गिरावट आने लगती है और इस वजह से कई ऐसे मामले सामने आते हैं जब महिला गर्भवती नहीं हो पाती है। उनकी जांच करने पर पता चलता है कि उनमें कोई चिकित्सा दोष नहीं है।

मन और दिमाग को रखें शांत

मन और दिमाग को रखें शांत

रिलेशनशिप में शारीरिक संबंध एक बहुत बड़ा पहलू है। मगर इसका मतलब ये नहीं है कि आप इस बारे में सोचकर अपना मानसिक भार बढ़ा लें। आपको अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक रूप से अपने रिश्ते को मजबूत करने पर जोर देना चाहिए। ऐसा हो जाने के बाद आप उन्हें अपने विचारों से अवगत करा सकते हैं। इंटिमेट पलों के दौरान दिमाग को शांत रखें और खुश रहें। आप उस पल का आनंद लें।



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