सस्ता सोना खरीदने के लिए फिर आ गया सुनहरा मौका जानिए क्या है रेट

सस्ता सोना खरीदने के लिए फिर आ गया सुनहरा मौका, जानिए क्या है रेट

नई दिल्ली:  Sovereign Gold Bond Scheme 2020-21 Series X:भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India-RBI) के मुताबिक सरकारी गोल्ड बॉन्ड (RBI Gold Bond) की दसवीं सीरीज के लिए निर्गम मूल्य 5,104 रुपये रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है. सरकारी स्वर्ण बांड योजना 2020-21 श्रृंखला 10 (Gold Rate Today) का निर्मग 11 जनवरी, 2021 को खुलेगा और  15 जनवरी, 2021 को बंद होगा.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना नवंबर 2015 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य सोने की हाजिर मांग को कम करना था और सोने की खरीद के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले घरेलू बचत के एक हिस्से को – वित्तीय बचत में तब्दील करने के लिए किया गया था.

ऑनलाइन खरीदारी पर मिलेगा 50 रुपये का डिस्काउंट
भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ परामर्श से उन निवेशकों को निर्गम मूल्य पर 50 रुपये (पचास रुपये मात्र) प्रति ग्राम छूट देने का निर्णय लिया है जो ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल मोड के माध्यम से भुगतान करेंगे. इस तरह के निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड का निर्गम मूल्‍य 5,054 रुपये (पांच हजार चौवन रुपये मात्र) प्रति ग्राम होगा.

यहां से कर सकते हैं गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी
गोल्ड बॉन्ड की बिक्री स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (Stock Holding Corporation of India-SHCIL), चुनिंदा पोस्ट ऑफिस (Post Office), बैंकों, NSE और BSE के जरिए की जाती है. निवेशक इनमें से किसी भी एक जगह से गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी कर सकते हैं. गौरतलब है कि इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने के दाम के आधार पर गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय होती है.

न्यूनतम 1 ग्राम तक खरीद सकते हैं सोना
सरकार ने सोने की मांग को कम करने और घरेलू बचत के एक हिस्से को वित्तीय बचत में बदलने के उद्देश्य से सरकारी स्वर्ण बांड योजना की शुरुआत नवंबर 2015 में की थी. गोल्ड बॉन्ड में वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) में प्रति व्यक्ति न्यूनतम निवेश एक ग्राम है, जबकि अधिकतम सीमा 500 ग्राम है. व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए निवेश की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम और ट्रस्टों और संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम रखी गई है.

गोल्ड बॉन्ड खरीदने के फायदे
निवेशकों को कम से कम 1 ग्राम का बॉन्ड खरीदने की भी सुविधा मिलती है. निवेशकों को गोल्ड बॉन्ड के बदले लोन लेने की भी सुविधा है. पूंजी और ब्याज दोनों की सरकारी (सॉवरेन) गारंटी मिलती है. इंडिविजुअल को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होगा. कर्ज लेने के लिए गोल्ड बॉन्ड का इस्तेमाल कोलेट्रल के रूप में किया जा सकता है. इसके अलावा गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर टीडीएस (TDS) भी नहीं कटता है.

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