सबसे लंबे सूर्यग्रहण के दौरान दिन में ही होगी रात…जानिये क्या करें क्या ना करें

सबसे लंबे सूर्यग्रहण के दौरान दिन में ही होगी रात...जानिये क्या करें क्या ना करें


इस वर्ष का पहला सूर्यग्रहण 21 जून यानि रविवार को लग रहा है। देखा जाये तो 900 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है जब कंकणाकृति सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण रविवार को लग रहा है इसलिए इसे चूड़ामणि ग्रहण की संज्ञा भी दी जा रही है। 1982 के बाद यह पहला मौका होगा जब चक्राकार सूर्यग्रहण और ग्रीष्म संक्रांति एक ही दिन हैं। अगली बार ऐसा अवसर 21 जून 2039 को आयेगा। 
कहीं कुछ अनिष्ट तो नहीं होगा ?
ज्योतिषि इस ग्रहण को लेकर सशंकित भी हैं क्योंकि एक महीने में ही यदि दो ग्रहण लगें तो इसे शुभ नहीं माना जाता। गौरतलब है कि जून महीने की 5 तारीख को चंद्र ग्रहण भी लग चुका है। ज्योतिषियों का यह भी कहना है कि इस सूर्यग्रहण के बाद प्राकृतिक आपदाएं और महामारी जैसे अमंगल कम होंगे। हालांकि कुछ ज्योतिषियों के बीच इस तरह का मत है कि यदि किसी माह में दो ग्रहण लगें तो वह महामारी लेकर आते हैं। वैसे भी भारत समेत पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस नामक महामारी का प्रकोप झेल ही रही है। इस सूर्य ग्रहण के साथ यह भी संयोग है कि 21 जून को अमावस्या भी है इसलिए विभिन्न राशियों के लोग इसलिए भी चिंतित हैं कि इस ग्रहण का प्रभाव उनकी राशियों पर क्या पड़ेगा।
 

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सूर्यग्रहण का समय
सूर्यग्रहण के समय को लेकर लोग अलग-अलग बातें इसलिए कह रहे हैं क्योंकि भारत में इसका प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर ही दिखाई देगा। लेकिन मोटे तौर पर देखें तो भारत में 21 जून को सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार प्रातः 9.15 बजे से अपराह्न 3.04 बजे तक रहेगा और 12.10 पर सूर्यग्रहण अपने शिखर पर होगा जहां चंद्रमा सूर्य के लगभग 99 प्रतिशत भाग को ढक लेगा जिससे दिन में ही रात हो जायेगी और तारे भी दिखाई देने लगेंगे। 21 जून को पड़ने वाले सूर्यग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले यानि शनिवार 20 जून को रात 9.16 बजे से लग जायेगा और यह 21 जून को ग्रहण की समाप्ति के बाद ही खत्म होगा। रविवार को लगने वाला यह सूर्यग्रहण करीब 6 घंटे का होगा। लंबे ग्रहण की वजह से पूरी दुनिया में इस बार का सूर्य ग्रहण चर्चा का विषय बना हुआ है। 
विशेष महत्व की बातें
सूर्यग्रहण के दौरान सभी मंदिर और प्रमुख धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। सूतक काल में सभी को अपने घरों के मंदिर को भी कपड़े से ढक देना चाहिए और इस बात का ध्यान रखें कि भगवान की किसी मूर्ति आदि का स्पर्श करने की बजाय मन ही मन उनका ध्यान लगाएं। सूर्यग्रहण का दृश्य वैसे तो कोई भी देख सकता है लेकिन गर्भवती महिलाओं को इसका अवलोकन करने से बचना चाहिए। जिस तरह ग्रहण के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य है उसी तरह ग्रहण के पश्चात् भी कुछ कर्म अनिवार्य बताये गये हैं। जैसे ग्रहण के बाद कपड़ों सहित स्नान करें और उसके बाद घर के मंदिर में बिछा कपड़ा बदल दें, भगवान को गंगा जल से स्नान करा के उनका तिलक करें, घर में हर जगह गंगा जल का छिड़काव करें और फिर भगवान का पूजन कर उन्हें मिष्ठान्न अर्पित करें।
आइए एक नजर डालते हैं कि ग्रहण के दौरान हमें किन बातों का विशेष ध्यान रखना है-
-ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए। यही नहीं सूतक काल में भी खाद्य पदार्थ नहीं ग्रहण करने चाहिए। हालांकि शास्त्र बच्चों, बीमार लोगों और बुजुर्गों को इस नियम से छूट भी देते हैं, यदि इन लोगों को भोजन देना ही पड़े तो उसमें पहले से तोड़कर रखे गये तुलसी के पत्तों को अवश्य डाल दें।
-सूर्यग्रहण को नग्न आंखों से देखना हानिकारक सिद्ध होता है क्योंकि सूर्य से निकलने वाली यूवी किरणें स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती हैं। इसीलिए इसे सीधे देखने की बजाय अंतरराष्ट्रीय आईएसओ 12312-2 मानक चश्मों का प्रयोग करके ही देखें।
-वैदिक ग्रंथों में इस बात का भी उल्लेख मिलता है कि ग्रहण के दौरान पेड़-पौधों या पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। ग्रहण के बाद पूजन के लिए तुलसी के पत्तों को पहले ही तोड़ कर उसे पानी में भिगो कर रख देना चाहिए।
-ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना पूरी तरह वर्जित होता है। इस दौरान किसी भी प्रकार का पूजा-पाठ भी नहीं करना चाहिए। आप चाहें तो मंदिर से थोड़ा दूरी पर धार्मिक पुस्तकों का वाचन अथवा भगवान का ध्यान अवश्य लगा सकते हैं अथवा सूर्य स्त्रोत का पाठ कर सकते हैं।
 

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-ग्रहण के दौरान नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित होता है। यही नहीं इस दौरान कंघी करना और नाखून काटना भी मना है।
-गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर के भीतर ही रहना चाहिए। माना जाता है कि यदि वह ग्रहण का अवलोकन करेंगी तो इससे उनके पेट में पल रहे बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खाने में छौंक या तड़का भी नहीं लगाना चाहिए।
-ग्रहण के दौरान किसी गरीब या असहाय व्यक्ति की मदद करेंगे तो आपकी राशि पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा और जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी।
-शुभा दुबे