व्हाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ मैसेज डालने पर केस, ग्रुप एडमिन के खिलाफ कार्रवाई

व्हाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ मैसेज डालने पर केस, ग्रुप एडमिन के खिलाफ कार्रवाई

महाराष्ट्र में पालघर पुलिस ने एक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिनिस्ट्रेटर और एक अन्य सदस्य के खिलाफ केस दर्ज किया है. इस ग्रुप में ऐसा एक मैसेज शेयर किया गया, जिससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने और दो समुदायों के बीच तनाव होने की संभावना थी. ग्रुप के सदस्यों ने जो मैसेज डाला था, उससे एक समुदाय विशेष की भावनाएं आहत हो सकती थीं, जिससे कानून और व्यवस्था बिगड़ने का भी खतरा था.

पुलिस कई बार ये एडवाइजरी जारी कर अपील कर चुकी है कि ग्रुप एडमिन ये सुनिश्चित करे कि ऐसा कोई भी आपत्तिजनक मैसेज ग्रुप में साझा न हो. अगर ऐसा किसी ग्रुप में होता है तो मैसेज डालने वाले सदस्य और ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

पालघर पुलिस को अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट से शिकायत मिली थी कि इस तरह का संदेश एक व्हाट्सएप ग्रुप पर डाला गया है. उसी के आधार पर पुलिस ने जांच की और शिकायत को सही पाया. इसके बाद ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर और सदस्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

पालघर पुलिस ने मानवीय इंटेलीजेंस के आधार पर ग्रुप के सदस्यों की जानकारी हासिल की. इसी से ग्रुप एडिमिस्ट्रेटर और मैसेज शेयर करने वाले सदस्य की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली. पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 A(B) और 505 1(B) के तहत केस दर्ज किया है.

इसमें दो ग्रुपों में जन्म स्थान, रिहाइश, भाषा के आधार पर सौहार्द बिगाड़ना और नफरत फैलाने का मामला शामिल है. इसके अलावा लोगों में डर की भावना पैदा करने की कोशिश का भी आरोप है. बोईसर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले क्षेत्र में अभियुक्तों की पहचान की गई है.

पालघर पुलिस ने सभी ग्रुप एडमिनिस्टर्स को सलाह दी है कि वे अपने व्हाट्सएप ग्रुप की सेटिंग ‘एडमिन ओनली’ कर लें. इससे सिर्फ एडमिन ही कंटेंट को वैरीफाई करने के बाद मैसेज को अपलोड और साझा कर सकता है.