राशन कार्ड केवल फ्री गेहूं-चावल के लिए ही नहीं है, और भी हैं इसके कई फायदे

राशन कार्ड केवल फ्री गेहूं-चावल के लिए ही नहीं है, और भी हैं इसके कई फायदे

Ration Card Benefit : 1 जून से देश में ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ (One Nation One Ration Card Scheme) योजना लागू हो गयी है. सरकार की इस योजा का लाभ राशन कार्ड (Ration Card) रखने वाले सभी लोगों को मिलेगा. इस योजना के तहत राशन कार्ड बनाने वाले लोगों देश किसी भी राज्य में रियायती दरों पर अनाज (गेहूं-चावल) मिल जाएगा, लेकिन क्या राशन कार्ड का लाभ रियायती दरों पर या फिर फ्री में गेहूं-चावल तक ही सीमित नहीं है. इसके और भी कई फायदे हैं. आइए, जानते हैं कि राशन कार्ड के और क्या-क्या फायदे हैं…

कई जगहों पर होता है राशन कार्ड का दस्तावेजी इस्तेमाल : दरअसल, राशन कार्ड एक स्वैच्छिक दस्तावेज है और इसे बनवाना देश के प्रत्येक नागरिकों के लिए जरूरी नहीं है. राशन कार्ड एक ऐसा सरकारी दस्तावेज है, जिसकी मदद से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की उचित दर की दुकानों से गेहूं-चावल बाजार भाव से रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाता है. वहीं, इसका इस्तेमाल कई जगहों पर पहचान प्रमाण (ID Proof) या पते के प्रमाण (Address Proof) के रूप में भी होता है. यह नागरिक के आर्थिक स्थिति को भी दर्शाता है.

कहां-कहां आईडी प्रूफ या एड्रेस प्रूफ के तौर पर होता है इस्तेमाल : हमारे देश भारत में राशन कार्ड का आईडी प्रूफ या फिर एड्रेस प्रूफ के रूप में अक्सर इस्तेमाल किया जाता है. अगर किसी को बैंक में खाता खोलना हो, बच्चों का स्कूल-कॉलेज में नाम लिखाना हो, एलपीजी गैस का कनेक्शन लेना हो, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो, सरकारी दस्तावेज में निवास प्रमाण पत्र बनवाना हो, मतदाता पहचान पत्र बनवाना हो, सिम कार्ड खरीदना हो, पासपोर्ट बनवाना हो, लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी लेना हो, लैंडलाइन कनेक्शन लेना हो, ब्रांडबैंड या वाईफाई लगवाना हो, आधार कार्ड बनाना हो या फिर उसके ब्योरे को अपडेट कराना हो और पैन कार्ड बनवाना हो, तो उन्हें राशन कार्ड की जरूरत पड़ती है.

किसका बन सकता है राशन कार्ड : भारत में हर किसी का राशन कार्ड नहीं बन सकता. यह एक निश्चित आयवर्ग के लिए ही होता है, जिसकी सीमा अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होती है. आम तौर पर भारत में गरीबी रेखा के ऊपर (APL), गरीबी रेखा के नीचे (BPL) और अन्‍त्योदय परिवारों के लोगों को अलग-अलग तरह का राशन कार्ड जारी किया जाता है. अंत्योदय योजना के तहत राशन कार्ड बनवाने वाले बेहद गरीबों की श्रेणी में रखे जाते हैं.

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राशन कार्ड बनवाने के लिए आम तौर पर क्या-क्या होना जरूरी है :

राशन कार्ड बनवाने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना जरूरी है.

व्यक्ति के पास किसी दूसरा राज्य का राशन कार्ड नहीं होना चाहिए.

जिसके नाम पर राशन कार्ड बन रहा है, उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए.

18 साल से कम उम्र के बच्चों का नाम माता-पिता के राशन कार्ड में शामिल किया जाता है.

एक परिवार में परिवार के मुखिया के नाम पर राशन कार्ड होता है.

राशन कार्ड में जिन सदस्यों को शामिल किया जा रहा है, उनका परिवार के मुखिया से नजदीकी संबंध होना जरूरी है.

परिवार के किसी भी सदस्‍य का उससे पहले से कोई भी राशन कार्ड में नाम नहीं होना चाहिए.

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