यहां 10 हजार रुपये की रेंज में मिल जाती है शानदार बाइक जानिए किस मॉडल की क्या है कीमत

Low Price Bike in India: वर्तमान समय में हर कोई खुद की कार या बाइक से सफर करना चाहता है। लेकिन कुछ लोग आर्थिक तंगी की वजह से कार खरीदना तो दूर, बाइक तक नहीं खरीद पाते। ऐसे में हम आपको आज कम बजट में बाइक खरीदने की जानकारी दे रहे हैं। कुछ लोग नए मॉडल के शौकीन होते हैं, ऐसे में वो अपनी पुरानी बाइक को जल्द ही बेच देते हैं। ऐसी बाइक कम बजट में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इन पुरानी बाइक्स को आप कम कीमत में खरीद सकते हैं। यह बाइक ऐसे लोगों के लिए काफी फायदेमंद है, जिनका बजट कम है और बाइक चलाना सीखना भी चाहते हैं।

उदहारण के तौर पर बात करे Bajaj Pulsar 150cc बाइक की जो 2003 मॉडल हो और 65 किलो मीटर प्रति लीटर का माइलेज देती हो, उसकी कीमत 6,400 रुपये रखी गई थी। ऑनलाइन बाइक खरीदने में ठगी का शिकार भी हो सकते हैं। ऐसे में ऑनलाइन बाइक के लिए droom.in जैसे प्लेटफॉर्म पर पसंद की बाइक को सर्च कर सकते हैं । ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आपको 40 हजार रुपये की रेंज में अच्छी बाइक मिल जाएगी।

सेकंड हैंड बाइक के मार्केट हर जगह पर मौजूद होते हैं। लेकिन दिल्ली में सेकंड हैंड बाइक के मार्केट करोल बाग, सुभाष नगर, लाजपत नगर और गीता कॉलोनी में हैं। यहां आप सेकंड हैंड स्कूटी, सेकंड हैंड स्पोर्ट्स बाइक, सेकंड हैंड बुलेट, पल्सर, हार्ले डेविडसन समेत तमाम ब्रांड की बाइक खरीदने को मिल जाएगी। यहां आपको 1 लाख रुपये की बाइक मात्र 30 हजार रुपये में मिल जाएगी।

6 महीने से 12 महीने पुरानी बाइक की कीमत में 60 प्रतिशत तक की गिरावट मिल जाएगी। जैसे दो साल पुरानी ड्यूक 390 सीसी अगर ऑरिजिनल कीमत 2.20 लाख रुपये है, तो यह आपको 1 लाख के करीब मिल जाएगी यानी सीधे आधे दाम में। वहीं कम बजट की बाइक की बात करें तो यहां 15 हजार से शुरुआत हो जाती है। इनमें स्पलैंडर, प्लैटिना, डिस्कवर हर तरह की बाइक मौजूद हैं। साथ ही स्कूटी भी 15 हजार की रेंज से शुरू हो जाती हैं।

बाइक खरीदने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान
बाइक को स्टार्ट करके देखें और इंजन में किसी भी प्रकार की आने वाली आवाज को नोट करें। बाइक का सॉकर, रिम और हैंडल पूरी तरह से ठीक है या नहीं। अगर आपको इनमें गड़बड़ी दिखती है तो बाइक की कीमत में और कमी हो जाती है। कागजात की अच्छे से जांच करें। इस बात की भी जांच कर लें कि बाइक मॉडिफाई तो नहीं की हुई है, क्योंकि ऐसे में बाइक की वारंटी खत्म हो जाती है और आपको सर्विसिंग कराने में परेशानी हो सकती है।

रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से उस बाइक का इंजन नंबर और चेचिस नंबर जरूर मिला लें और बाइक के नंबर की भी जांच कर लें। इंश्योरेंस पेपर को भी ठीक से चेक कर लें। इसके अतिरिक्त अधिक जांच के लिए आप आरटीओ ऑफिस से भी मदद ले सकते हैं।

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