मानसिक तनाव से रहना चाहते हैं दूर तो रूटीन में शामिल करें ये 5 आसान बदलाव

मानसिक तनाव से रहना चाहते हैं दूर तो रूटीन में शामिल करें ये 5 आसान बदलाव

स्ट्रेस भरी जिंदगी में आजकल मानसिक तनाव की समस्या आम होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे एक बड़ी वजह अकेलापन भी है।

How to Get Rid of Mental Pressure : स्ट्रेस भरी जिंदगी में आजकल मानसिक तनाव की समस्या आम होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे एक बड़ी वजह अकेलापन भी है। जब कोई व्यक्ति मानसिक तनाव महसूस करता है तो उसे अकेलापन महसूस होने लग जाता है जिससे परेशान होकर वह और भी ज्यादा डिप्रेस्ड महसूस करता है। समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह अकेलापन डिप्रेशन की गंभीर बीमारी में बदल सकता है। जानकारों का मानना है कि डेली रूटीन में कुछ आसान बदलाव करके हम मानसिक तनाव से छुटकारा पा सकते हैं।

किताबों से करें दोस्ती – अगर आपको किताब पढ़ने का शौक है तो किताबों से अच्छा दोस्त और कोई साबित नहीं हो सकता है। यह हमेशा आपको जीवन और इससे जुड़े विभिन्न विषयों के बारे में गहरी समझ देती हैं। अपने फेवरेट राइटर या फेवरेट टॉपिक की किताबें जरूर पढ़ें। कोशिश करें एक महीने में एक किताब जरूर पढ़ें। आप चाहें तो अपने दोस्तों के साथ बुक रीडिंग कॉम्पिटिशन भी खेल सकते हैं।

पालतू जानवर लाता है खुशियां – अगर आपको अकेलापन महसूस होता है तो आपको अपनी पसंद का पालतू जानवर अपने पास रखना चाहिए। आप चाहें तू कुत्ता, बिल्ली, खरगोश या चूहा पाल सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि जब हम अपने पालतू जानवरों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं तो उससे हमारे शरीर से स्ट्रेस हार्मोन्स बाहर निकलते हैं जिसके बाद इंसान खुशी महसूस करता है।

आउटडोर गेम्स हैं बेस्ट सॉल्यूशन – अगर अपने आपको अकेला महसूस करते हैं तो आपको आउटडोर गेम्स को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए। आउटडोर गेम्स से न केवल आपको शारीरिक रूप से तंदरुस्त बनाते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी खुशी देते हैं। रोजाना संभव न हो सके तो साप्ताहिक तौर पर आउटडोर गेम्स जरूर खेलें।

फ्रेंडशिप से बेहतर और कुछ नहीं – कहते हैं कि दोस्त हर मर्ज की दवा होते हैं। अगर आप तनाव महसूस करते हैं तो आपको अपने दोस्तों को याद करना चाहिए और उनसे बातचीत बढ़ानी चाहिए। यह बिल्कुल न सोचें कि आपका दोस्त आपके बारे में क्या सोचेगा। बस जब मन हो तब अपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस के दोस्त को फोन मिलाकर अपने दिल की बात कहें। अगर आप चाहें तो ऑनलाइन फ्रेंड्स भी बना सकते हैं। विशेष तौर पर विकेंड में ऐसा जरूर करें।

परिवार का साथ है सबसे प्यारा – माना जाता है जब जिंदगी में कोई साथ नहीं देता है तब परिवार साथ देता है। क्योंकि परिवार के सदस्यों ने हमें जन्म के साथ देखा होता है इसलिए उन्हें हमारी सभी अच्छी-बुरी आदतों के बारे में पता होता है। अपने परिवार से कभी अपने एहसासों को कहने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। अगर आप अकेलापन महसूस करते हैं तो अपने परिवार को इस बारे में जरूर बताएं। साथ ही यह भी जरूर बताएं कि आपको इसके पीछे की वजह क्या लगती है।