भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की खुली पोल, सेक्स रैकेट चलने वालों से लेते थे बंधी मंथली

अलवर जिले के नीमराना में थानाधिकारी हरदयाल और कांस्टेबल हवासिंह को अपराधियो से सांठगांठ तथा उन्हें संरक्षण देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 28 अक्टूबर पुलिस उपाधीक्षक नीमराना लोकेश मीणा ने एसपी के निर्देश पर नीमराना जापानी औद्योगिक क्षेत्र स्थित यादव गेस्ट हाउस पर पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने सेक्स रैकेट चलाने वालों का भंडाफोड़ किया था।

पुलिस ने गेस्ट हाउस से  बंगाल से भाड़े पर लाई गईं दो लड़कियों, ग्राहकों और गेस्ट हाउस संचालक को गिरफ्तार किया था। बताया गया है कि इन लोगों से पूछताछ में नीमराना पुलिस थाने में कांस्टेबल के जरिये मंथली वसूलने और पुलिस के संरक्षण में सेक्स रैकेट चलवाने की पुष्टि हुई है।

इसके अलावा, एसपी की ओर से करवाई गई जांच में शराब एवं दूध माफिया से मंथली वसूलने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने नीमराणा थाना प्रभारी और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है।

बता दें, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सेक्स रैकेट पर कार्रवाई करने के लिए पहले भिवाड़ी एसपी जोशी ने थाना प्रभारी को भेजा था। हालांकि, मिली-भगत होने के कारण सूचना पहले ही लीक हो गई थी, जिसके कारण एसपी को छापेमारी में भी कुछ नहीं मिला था। इसके बाद एसपी जोशी ने डीएसपी लोकेश मीणा के जरिये गोपनीय दबिश दी तो पोल खुल गई।