बच्‍चे के कम वजन और कमजोरी से हैं परेशान तो जरूर अपनाएं ये रेसिपी

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हर मां अपने बच्‍चे की सेहत को लेकर चिंता में रहती है और इसके लिए वो बच्‍चे की डायट में कुछ न कुछ हेल्‍दी शामिल करने की कोशिश करती रहती है। अगर आपके बच्‍चे का वजन भी नहीं बढ़ रहा या वो कमजोर है तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको एक रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं जो कई सालों से बच्‍चों का वजन बढ़ाने और कमजोरी दूर करने के लिए उपयोग की जा रही है।

​चूरमा कैसे बनाते हैं
बच्‍चों के लिए चूरमा बनाने के लिए आपको चाहिए आधा कटोरी गेहूं का आटा, स्‍वादानुसार नमक, आधा कटोरी दूध, एक चम्मच पिसी हुई चीनी (सर्दी में गुड़ पिघलाकर भी ले सकते हैं), आधा चम्मच ड्राई फ्रूट पाउडर और दो चम्मच देसी घी।

हेल्‍दी और टेस्‍टी चूरमा बनाने के लिए निम्‍न स्‍टेप्‍स फॉलो करें :

    सबसे पहले एक बड़ा बर्तन लें और उसमे गेहूं का आटा डालें।
    इसके बाद इसमें थोड़ा नमक मिलाएं और फिर दूध डालकर इसको गूंथ लें।
    अच्छे से गूंथने के बाद इसे आधे घंटे के लिए रख दें।
    अब इस आटे से लोई बनाएं और उसे चकले पर रख कर बेल लें।
    बेलते समय बीच-बीच में इस पर घी लगाती रहें।
    ध्यान रखें कि आपको परांठे को ज्यादा पतला नहीं बेलना है।
    अब तवे को गैस पर रखें और तवा थोड़ा गर्म होने पर उस पर परांठा डाल दें।

​चूरमा बनाने की विधि

    जब परांठा हल्का सिक जाए तो उस पर घी लगाकर दोनों तरफ से अच्छी तरह से सेक लें।
    जब परांठा सिक जाए तो उसे तवे से उतार कर एक प्लेट में रखें।
    परांठा हल्का ठंडा होने पर छोटे-छोटे टुकड़े में पीस कर चूरमा बना लें।
    मिक्‍सी की बजाय हाथों से ही पीसें।
    अब चूरमे को कटोरे में डालें और इसमें एक चम्मच पिसी हुई चीनी मिलाएं।
    इसके बाद इस कटोरे में आधा चम्मच ड्राइ फ्रूट पाउडर और देसी घी डाल दें।
    अब इस मिश्रण को चम्मच या हाथों से मिलाएं।
    घी, चीनी पाउडर और ड्राई फ्रूट पाउडर अच्छे से मिलने चाहिए।
    अब हाथों से इसके लड्डू बना लें।

​चूरमे के फायदे

चूरमा घी से मिलकर बनता है और घी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। यह बच्चे की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।

    चूरमे में डाला गया घी बच्चों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और उसके विकास में मदद करता है। इसे पाचन प्रणाली को भी दुरुस्त रखने में सहायक माना जाता है।
    चूरमे में मिलाए गए ड्राई फ्रूट्स शरीर को फाइबर और कई तरह के पोषक तत्‍व प्रदान करते हैं। इससे बच्‍चों का पाचन भी ठीक रहता है।
    चूंकि, चूरमा गेहूं के आटे से बना होता है इसलिए इसकी पौष्टिकता भी बढ़ जाती है। गेहूं में प्रोटीन, आयरन, जिंक, तांबा और मैग्नीज भरपूर मात्रा में होता है।
    यदि चूरमे को बच्चे के आहार में नियमित रूप से शामिल किया जाए तो बच्‍चे के शरीर से सभी पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सकता है।
    बच्चे को चूरमा दूध में मिलाकर भी खिला सकते हैं। दूध से बच्चे को कैल्शियम और प्रोटीन मिलेगा और उसका मानसिक एवं शारीरिक विकास अच्छी तरह से होगा।