प्ले-स्टोर पर वापस आया Mitron App

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बहुत ही कम समय में अधिक लोकप्रियता बटोरने वाला शॉर्ट वीडियो एप मित्रों एप, गूगल प्ले-स्टोर पर वापस आ गया है। मित्रों एप को कंटेंट पॉलिसी उल्लंघन के कारण प्ले-स्टोर से हटाया गया था। जिस समय मित्रों एप को प्ले-स्टोर से हटाया गया था उस वक्त एप की कोई प्राइवेसी पॉलिसी भी नहीं थी लेकिन अब प्राइवेसी पॉलिसी को भी अपडेट कर दिया गया है।चीन के शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक को कड़ी देने वाले Mitron App को अब गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 

प्ले-स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक मित्रों एप बंगलूरू का है।इसे उनलोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने टैलेंट को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं। मित्रों एप को गूगल प्ले-स्टोर से अभी तक 50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। इस एप को दो जून को प्ले-स्टोर से हटा दिया गया था।बता दें कि मित्रों एप को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह एप मूल रूप से पाकिस्तान का है। मित्रों एप को एक पाकिस्तानी डेवलपर्स से करीब 2,500 रुपये में खरीदा गया है। 

मित्रों एप का असली नाम TicTic बताया गया और कहा गया कि इसे पाकिस्तान के इरफान शेख की कंपनी Qboxus ने तैयार किया था।इरफान शेख ने इस एप के सोर्स कोड को 34 डॉलर्स यानी करीब 2,500 रुपये में किसी को बेच दिया। अब यहां समस्या को डेवलपर और पाकिस्तान से नहीं है, समस्या है प्राइवेसी और मेड इन इंडिया के नाम पर प्रचार करने की। सच तो यह है कि पाकिस्तानी टिकटिक एप में कोई बदलाव ही नहीं किया गया है। सिर्फ टिकटिक का नाम मित्रों रख दिया गया है।

बहुत ही कम समय में अधिक लोकप्रियता बटोरने वाला शॉर्ट वीडियो एप मित्रों एप, गूगल प्ले-स्टोर पर वापस आ गया है। मित्रों एप को कंटेंट पॉलिसी उल्लंघन के कारण प्ले-स्टोर से हटाया गया था। जिस समय मित्रों एप को प्ले-स्टोर से हटाया गया था उस वक्त एप की कोई प्राइवेसी पॉलिसी भी नहीं थी लेकिन अब प्राइवेसी पॉलिसी को भी अपडेट कर दिया गया है।चीन के शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक को कड़ी देने वाले Mitron App को अब गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 

प्ले-स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक मित्रों एप बंगलूरू का है।इसे उनलोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने टैलेंट को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं। मित्रों एप को गूगल प्ले-स्टोर से अभी तक 50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। इस एप को दो जून को प्ले-स्टोर से हटा दिया गया था।बता दें कि मित्रों एप को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह एप मूल रूप से पाकिस्तान का है। मित्रों एप को एक पाकिस्तानी डेवलपर्स से करीब 2,500 रुपये में खरीदा गया है। 

मित्रों एप का असली नाम TicTic बताया गया और कहा गया कि इसे पाकिस्तान के इरफान शेख की कंपनी Qboxus ने तैयार किया था।इरफान शेख ने इस एप के सोर्स कोड को 34 डॉलर्स यानी करीब 2,500 रुपये में किसी को बेच दिया। अब यहां समस्या को डेवलपर और पाकिस्तान से नहीं है, समस्या है प्राइवेसी और मेड इन इंडिया के नाम पर प्रचार करने की। सच तो यह है कि पाकिस्तानी टिकटिक एप में कोई बदलाव ही नहीं किया गया है। सिर्फ टिकटिक का नाम मित्रों रख दिया गया है।