प्रेग्नेंसी में डायबिटीज होना कितना खतरनाक है, बचने के लिए किन चीजों का करें सेवन

प्रेग्नेंसी में डायबिटीज होना कितना खतरनाक है, बचने के लिए किन चीजों का करें सेवन


प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। जिसमें शरीर का शुगर लेवल भी बढ़ सकता है यानी वह गेस्टेशनल डायबिटीज का शिकार हो सकती हैं। डायबिटीज़ का गर्भस्थ शिशु पर कोई असर न पड़े इस दौरान महिलाओं को अलर्ट रहने के साथ ही नियमित चेकअप कराना चाहिए और अपनी डायट में कुछ खास चीज़ों को ज़रूर शामिल करना चाहिए।
 

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हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन महिलाओं को पहले कभी डायबिटीज नहीं हुआ है, वह भी प्रेग्नेंसी के दौरान गेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भकालिन डायबिटीज) का शिकार हो सकती हैं। इस बीमारी से जुड़ी रिसर्च के अनुसार जिन महिलाओं का वजन अधिक है, जिन्हें पहले भी गेस्टेशनल डायबिटीज हुई है या जिनके परिवार के में पहले से किसी को डायबिटीज है, उनके मधुमेह का शिकार होने की संभावना अधिक होती है। चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते इसका सही इलाज न किया जाए तो गर्भस्थ शिशु के लिए यह खतरनाक हो सकता है। दरअसल, इससे बच्चे का भी शुगर लेवल बढ़ जाता है और उसका वजन समय से पहले बढ़ने से प्रीमेच्योर डिलीवरी की संभावना अधिक रहती है। 
चिकित्सकों का कहना है कि कुछ सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा अपना शुगर लेवल चेक करवाते रहना चाहिए और अपनी डायट का भी खास ख्याल रखना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को इन चीज़ों का सेवन करना चाहिए।
फल
डायबिटीज पेशेंट के लिए जामुन बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा आंवला, नीबू, संतरा, टमाटर, खरबूजा, तरबूज, नाशपाती, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, अंजीर जैसे फल भी प्रेग्नेंट महिलाओं को खाने चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डेली 100 से 150 ग्राम फल खाना चाहिए।
हरी सब्जियां
ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में हरी सब्जियां भी मददगार होती है, इसलिए अपनी डेली डायट में मेथी, पालक, करेला, बथुआ, सरसों का साग, सीताफल, ककड़ी, तोरई, टिंडा, शिमला मिर्च, भिंडी, सेम, शलजम, खीरा, ग्वार की फली, सोआ, गाजर आदि को ज़रूर शामिल करें। खाने में लहसुन का इस्तेमाल भी अवश्य करें यह ग्लूकोज लेवल को कम करता है।
 

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फाइबर व ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीज़ें
प्रेग्नेंसी के दौरान गेस्टेशनल डायबिटीज का शिकार हुई महिलाओं को  फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार लेना चाहिए। डायट में ब्राउन व बिना पॉलिश वाले चावल, छिलके वाली दालें, चोकर मिला आटा, सोयाबीन, साबुत चना, राजमा, लोबिया, स्प्राउट्स आदि शामिल करें। इसके अलावा ब्राउन ब्रेड, ओट्स, दलिया आदि का भी सेवन करें। हरी सब्ज़ी और कच्चा सलाद खूब खाएं।
सीमित मात्रा में तेल और घी-तेल का सेवन
विशेषज्ञों के अनुसार तेल और घी का सेवन बहुत अधिक नहीं करना चाहिए। कुल मिलाकर दिन में 3-4 चम्मच से ज़्यादा तेल/घी का सेवन न करें। आप खाना बनाने के लिए अलसी, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी का तेल इस्तेमाल कर सकती हैं।
 
लो फैट दूध
दूध, दही, पनीर का सेवन करें, लेकिन लो फैट वाले। डबल टोंड दूध पीना ज़्यादा अच्छा रहेगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि चाय पीने की शौकीन हैं, तो दिन में दो या तीन कप जाय पी सकती हैं, लेकिन बिना शक्कर वाली। छांछ पीना भी आपके लिए फायदेमंद होगा।
– कंचन सिंह