प्रधानमंत्री मोदी आज लॉन्च करेंगे संपत्ति कार्ड, जानिए कैसे होगा फायदा

प्रधानमंत्री मोदी आज लॉन्च करेंगे संपत्ति कार्ड, जानिए कैसे होगा फायदा

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)  आज संपत्ति कार्ड योजना लॉन्च करेंगे। इस योजना को ग्रामीण भारत (Rural India) में भूस्वामित्व के क्षेत्र में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए माध्यम से भू-संपत्ति मालिकों को ‘स्वामित्व’ योजना (Swamitva Scheme) के तहत संपत्ति कार्ड वितरित करने की योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत लगभग एक लाख भू-संपत्ति मालिक अपने मोबाइल फोन पर SMS से प्राप्त होने वाले लिंक से संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे ग्रामीण इलाके में बदलाव का ऐतिहासिक कदम बताया है। इससे ग्रामीणों के लिए लोन और अन्य आर्थिक गतिविधियों की खातिर अपनी संपत्ति का इस्तेमाल करने का मार्ग प्रशस्त होगा। आयोजन से जुड़ने के लिए सरकार की तरफ से एक लिंक जारी की गई है, जहां से रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। सरकार के मुताबिक यह पहली बार है कि लाखों ग्रामीण संपत्ति मालिकों के लाभ के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि लगभग एक लाख लोग अपने मोबाइल पर भेजे गए एसएमएस के जरिये संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों द्वारा उन्हें संपत्ति कार्ड की हार्ड कॉपी भी दे दी जाएगी। इस योजना के लाभार्थी छह राज्यों के 763 गांवों के लोग हैं। इनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांव शामिल हैं। महाराष्ट्र के अलावा सभी राज्यों के लाभार्थियों को संपत्ति कार्ड एक दिन के भीतर मिल जाएगा। 

आपको बता दें पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया था। इसका मकसद गांवों में भूमि संबंधी विवादों को दूर करना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की सभी भूमि और भवन संपत्तियों का ड्रोन से सर्वेक्षण कर मापन किया जा रहा है। सर्वे आफ इंडिया के माध्यम से यह कार्य जारी है। सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त भवन संपत्ति मानचित्रों को राजस्व विभाग द्वारा संपत्ति धारकों का विवरण और अभिलेख तैयार किए जाएंगे। साथ ही संपत्ति धारकों को संपत्ति कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे।