पैगंबर साहब का कार्टून बनाना तकलीफ देह, लेकिन हिंसा की घटनाएं पूरी तरह गलत :ओवैसी

नई दिल्ली : पैगंबर मोहम्मद पर बने कार्टून को लेकर फ्रांस में टीचर की गला रेतकर हत्या के बाद चर्च में घुसकर आतंकी हमले जैसी घटनाएं हुईं। दुनियाभर के तमाम इस्लामिक कट्टरपंथी इन बर्बर हत्याओं का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दुनिया के कई देशों में इस कट्टरता की आलोचनाएं भी हो रही हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फ्रांस में हुईं आतंकी घटनाओं को गलत बताया है।ओवैसी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर कार्टून बनाए जाने से उन्हें बेहद तकलीफ हुई है, लेकिन हिंसा की घटनाएं पूरी तरह गलत हैं। भारत में मशहूर शायर मुनव्वर राणा तक फ्रांस में हुईं इन आतंकी वारदातों के बचाव और समर्थन में बयान दे चुके हैं। औवैसी ने कहा कि जिहाद के नाम पर मासूमों का कत्ल करने वाले सिर्फ कातिल हैं। इस्लाम इसका समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि आप जहां रहते हैं वहां के कानूनों को आपको मानना होगा। आप किसी की जान नहीं ले सकते।

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दरअसल, फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक टीचर सैमुअल पैटी ने फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की पढ़ाई के वक्त क्लासरूम में शार्ली एब्दो में छपे मोहम्मद साहब के कार्टून को दिखाया था। इससे गुस्साए छात्र ने उनका सिर कलम कर दिया था। इसके बाद फ्रांस ने इस्लामिक चरमपंथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिसके बाद तमाम मुस्लिम देशों ने फ्रांस की तीखी आलोचनाएं कर राष्ट्रपति इम्मैनुअल मैक्रों के खिलाफ निजी जुबानी हमलों का सिलसिला शुरू हो गया। पिछले हफ्ते ही फ्रांस के नीस शहर में एक आतंकी ने चर्च में घुसकर 3 लोगों की चाकू से हत्या कर दी। स्थानीय पुलिस के मुताबिक आतंकी अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाते हुए हमले कर रहा था। उसके बाद फ्रांस के लियोन शहर में एक पादरी को चर्च के बाहर गोली मार दी गई, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।