पिता की कैसी मजबूरी : अमेठी में बच्चे को बैग में छोड़ा, खत में लिखा- '6-7 महीने पाल लो…पैसे भेजता रहूंगा'

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अमेठी :  जरा सोचिए उस पिता की बेबसी, जिसे अपने पांच महीने के मासूम को लावारिस छोड़ना पड़ जाए। किसी के लिए भी अपने जिगर के टुकड़े को यूं जुदा करना आसान नहीं होता। दिल को पत्थर बनाकर ऐसा करना पड़ता है। एक पिता मजबूर था, हालात से हारा हुआ था। उसको कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। आखिरकार उसने अपने बच्चे को एक बैग में पैक किया, कुछ पैसे रखे और लिखी एक भावुक चिट्ठी। खत में लिखा कि पैसे भेजता रहूंगा कुछ महीने के लिए मेरे बच्चे को पाल लीजिए। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

अमेठी पुलिस ने एक पांच महीने के बच्चे को झोले में बरामद किया है। मुंशीगंज क्षेत्र के त्रिलोकपुर इलाके में पुलिस ने इस बच्चे को बरामद किया। बैग से रोने की आवाज आने के बाद पीआरवी को इसकी सूचना दी गई थी। इसके अधार पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो झोले के अंदर बच्चा मिला। दरअसल यूपी पुलिस की हेल्पलाइन 112 पर बुधवार को एक बच्चे के बैग में पड़े होने की रिपोर्ट मिली थी। सूचना पर यूपी पुलिस की एक टीम कोतवाली मुंशीगंज क्षेत्र के त्रिलोकपुर इलाके में रहने वाले आनन्द ओझा के आवास के पास पहुंची।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यहां पर एक बैग से बच्चे के रोने की आवाज आने के बाद लोगों ने कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी थी। मौके पर पहुंची टीम ने जब बैग खोला तो उसमें एक बच्चे के साथ कपड़े, जूते, 5 हजार रुपये और अन्य जरूरी सामान निकला। इन सब के साथ एक चिट्ठी भी मिली जो कि कथित रूप से बच्चे के पिता की ओर से लिखी गई है।

‘मेरे परिवार में इसे खतरा है..और पैसे चाहिए हो तो बता दीजिएगा’
पिता ने खत में लिखा, ‘यह मेरा बेटा है, इसे मैं आपके पास छह-सात महीने के लिए छोड़ रहा हूं। हमने आपके बारे में बहुत अच्छा सुना है, इसलिए मैं अपना बच्चा आपके पास रख रहा हूं।’ चिट्ठी में आगे लिखा था, ‘मैं 5000 महीने के हिसाब से आपको पैसे भेजता रहूंगा। आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया इस बच्चे को संभाल लें। मेरी कुछ मजबूरी है और इस बच्चे की मां नहीं है। मेरी फैमिली में इसके लिए खतरा है, इसलिए 6-7 महीने तक आप इसे अपने पास रख लीजिए। सब कुछ सही करके मैं आपसे मिलकर अपने बच्चे को ले जाउंगा। आपको और पैसे की जरूरत होगी तो बता दीजिएगा।

बच्चे के परिवार और छोड़ने वाले का पता लगा रही पुलिस
पीआरवी ने बच्चा मिलने की सूचना कोतवाली प्रभारी मिथिलेश सिंह को दी। कोतवाली प्रभारी ने बच्चे को उस शख्स को सुपुर्द करने का आदेश दिया, जिन्होंने फोन कर इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को देखरेख के लिए कॉलर के पास ही छोड़ा गया है। इसके अलावा इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि ये बच्चा किसका है और कौन इसे इस तरह से यहां पर छोड़कर गया है? साथ-साथ पुलिस बच्चे के साथ मिली चिट्ठी की सच्चाई का भी पता लगा रही है।