पहली महिला गैंगस्टर, अपराध की दुनिया में कैसे रखा कदम, पुलिस भी है उससे बेदम

पहली महिला गैंगस्टर, अपराध की दुनिया में कैसे रखा कदम, पुलिस भी है उससे बेदम

यह महिला आज गोरखपुर की पहली महिला गैंगस्टर का रिकार्ड अपने नाम कर चुकी है। पति शिव कुमार की मौत के बाद गीता तिवारी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई।

गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई है कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की पहली महिला गैंगस्टर गीता तिवारी पर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के अंतर्गत कार्रवाई की है। बता दें कि गीता के पति शिव कुमार कभी हिन्दू युवा वाहिनी से जुड़े थे। एक किराए के कमरे में रहने वाले शिव कुमार तिवारी ने समाजसेवा शुरू की और वाहिनी से जुड़ गए। इस दौरान उनकी मुलाकात तत्कालीन जिला कलेक्टर से हुई तो उन्होंने संवासिनी गृह में रहने वाली गीता से उनकी शादी करवा दी।

शादी के बाद पति करने का लगा स्मैक का धंधा

शादी के बाद शिव कुमार स्मैक की तस्करी के धंधे से जुड़ गया। जबक वहीं दूसरी ओर गीता तिवारी एक आरकेस्ट्रा संभालने लगी। शिव कुमार व गीता कोतवाली इलाके में किराए का घर लेकर रहते थे। इस दौरान पति की मौत के बाद गीता ने ही उनके सभी गलत धंधों को संभाल लिया। करीब दस साल पहले पुलिस ने गीता तिवारी के घर छापामारी की थी। उस समय वहां से पांच अपराधी तत्वों को पकड़ा गया था। इस आरोप में गीता को पहली बार जेल भेजा गया था। इसके बाद गीता तिवारी तेजी से अपराध की दुनिया में घुसती गई।

कई थानों में दर्ज हुए गीता पर मुकदमें

साल 2019 में गीता तिवारी के खिलाफ गोरखपुर के कोतवाली और तिवारीपुर थाने में कई मुकदमें दर्ज हुए थे। उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार करते हुए जेल भेज गया था। जमानत मिलने के बाद उसके खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया, जिसके चलते पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया था। कानून तोडऩे व अपराध करने में गीता को खूब मजा आता था। इसके चलते ही वह पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई थी। अपराधियों से मिलीभगत के कई मामले सामने आने के बाद पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर जेल भेज दिया था।

हत्या का प्रयास व लूट के कई मामले हैं दर्ज

पुलिस रिकार्ड के अनुसार गीता तिवारी पर हत्या के प्रयास, लूट और गंैगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। गोरखपुर जिले की पहली महिला गैंगस्टर बन चुकी गीता के नातिन के जन्मदिन समारोह में दो युवकों को गोली मारने का मामला भी सुर्खियों में है। हालांकि गीता अपने दम पर इस मामले को दबाना चाहती थी,मगर पुलिस ने बिना किसी दबाव के कार्रवाई को अंजाम दिया तथा उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जेल में गीता करती थी गुटबाजी

गीता तिवारी के कारनामों को देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ हिस्ट्रीशीटर की कार्रवाई की है। वह फिलहाल देवरिया जेल में बंद है, उस पर जेल में ही गुटबाजी करने व गलत व्यवहार करने का भी मामला जेल प्रशासन के खिलाफ सिरदर्द बन गया था। जेल प्रशासन उसकी हरकतों से इस कदर दुखी था कि उसे देवरिया जेल में शिफ्ट करना पड़ा है। गीता तिवारी का नाम गोरखपुर में काफी चर्चित भी है।

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