नौकरों के भेष में लुटेरी गैंग का कारनामा:धूत परिवार के घर लूट में नाकाम रहे तो 2 घंटे बाद ही मिल्कमैन कॉलोनी पहुंचे दो दुकानों के ताले तोड़े

नौकरों के भेष में लुटेरी गैंग का कारनामा:धूत परिवार के घर लूट में नाकाम रहे तो 2 घंटे बाद ही मिल्कमैन कॉलोनी पहुंचे, दो दुकानों के ताले तोड़े

सरदारपुरा डी रोड पर शुक्रवार रात धूत परिवार को खाने में जहर देकर भी लुटने में नाकाम रहने के बाद नेपाली नौकर दंपती ने उसी रात 2 और वारदातों को अंजाम दिया। शुक्रवार रात 8:35 बजे फरार होने के बाद आरोपी दंपती गैंग के तीसरे साथी प्रकाश के साथ मिल्कमैन कॉलोनी पहुंचे। यहां उसी रात 10 से 2 बजे के बीच एक डॉक्टर के घर बैल बजाने के बाद दो दुकानों के ताले तोड़ दिए।

इसका खुलासा इन तीनों वारदातों की सीसीटीवी फुटेज से हुआ। इन फुटेज में भी आरोपी नौकर मोहन हाथ में सरिया लेकर ताला तोड़ते साफ नजर आया। रविवार को एक दुकान के संचालक ने इसकी जानकारी शास्त्रीनगर थाना पुलिस को दी। इस पर शास्त्रीनगर व सरदारपुरा थाना पुलिस मिल्कमैन कॉलोनी पहुंची, सीसीटीवी फुटेज देखते ही चोर वो ही नेपाली नौकर होने की पुष्टि हो गई। इसके अलावा पुलिस के हाथ अब तक कुछ नहीं लगा है।

पुलिस के अनुसार धूत परिवार के घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया है। जिसमें वारदात के कुछ समय बाद ही आरोपी नौकर दंपती मोहन व कमला पुलिस कमिश्नर कार्यालय से नेहरू पार्क की ओर जाने वाली रोड से मालाणी हाउस तक तो नजर आए, लेकिन इसके आगे किसी भी कैमरे में वे कैद नहीं हुए। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए, लेकिन उनमें भी नौकर दंपती कहीं नजर नहीं दिखे। ऐसे में पूरी आशंका है कि वे अपनी गैंग के साथ किसी वारदात की फिराक में शहर में ही घूम रहे है।

1. वारदात के 2 घंटे बाद ही एक घर व दुकान में घुसने का प्रयास
शास्त्रीनगर थानाधिकारी पंकज माथुर ने बताया कि सरदारपुरा डी रोड पर लूट की नाकाम कोशिश के बाद नौकर मोहन साथी प्रकाश व अन्य के साथ मिल्कमैन कॉलोनी पहुंचा। यहां रात 10 से 11 बजे के बीच सुरेश व्यास के घर की बैल बजाई। वे बाहर आए तब तक चोर भाग निकले। व्यास ने तुरंत ही पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। इसके बाद इसी कॉलोनी की गली नंबर 6 में एक दुकान कृष्णा मोबाइल के ताले तोड़ने के प्रयास किए, लेकिन यहां भी नाकाम रहे। सीसीटीवी फुटेज में नेपाली नौकर साफ दिखाई दिया।

2. फैंसी की दुकान में घुसे, पड़ोसी जाग गए तो औजार छोड़ भागे
गली नंबर 6 से निकल वे गली नंबर 4 में पहुंचे। यहां रात 2 बजे के करीब रिद्धि-सिद्धि फैंसी की दुकान के ताले व कांच तोड़ अंदर घुसे। इसकी आवाज से आस-पड़ोस में जाग हुई तो औजार छोड़कर भाग गए। सूचना पर दुकान के मालिक मनीष बच्छ मौके पर पहुंचे। मनीष ने बताया कि सूचना पर तुरंत दुकान पहुंचा तो ताले व कांच टूटे मिले। सुबह पुलिस को बुलाया। सीसीटीवी देख तो उसमें तीन जने नजर आए, जिसमें से एक हूबहू धूत परिवार के यहां वारदात को अंजाम देने वाले नौकर जैसा ही लगा।

प्रकाश, गैंग का तीसरा चेहरा; इसी ने दंपती काे धूत परिवार के घर नौकर बनाकर भेजा
पुलिस सूत्रों की मानें तो नौकर गैंग का तीसरा चेहरा प्रकाश है। दरअसल, किशनगढ़ में धूत परिवार के परिचित के घर एक नेपाली नौकर काम करता है। धूत परिवार के यहां नेपाली नौकरी की जरूरत हुई तो उसने अपने एक रिश्तेदार को इसी बारे में बताया। उस रिश्तेदार ने प्रकाश से संपर्क किया। फिर प्रकाश के कहने पर ही मोहन व कमला को धूत परिवार के घर नौकरी मिली। अब प्रकाश दोनों दंपती के साथ मिलकर शहर में वारदात के प्रयास में घूम रहा है।
सभी वारदातों में नौकर गैंग का ही हाथ, सरगर्मी से तलाश, जल्द पकड़ेंगे
^ मिल्कमैन कॉलोनी में चोरी के प्रयास के तीनों मामलों में भी धूत परिवार काे खाने में जहर देने वाले नौकर का ही हाथ होने का पूरा संदेह है। फुटेज में नजर आ रहा चोर 99% नेपाली नौकर माेहन जैसा ही लग रहा है। नौकर दंपती सहित उनकी गैंग की सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं, जल्द पकड़ेंगे।
– हनुमान सिंह, थानाधिकारी, सरदारपुरा

शहर में काम कर रहे 2,500 भरोसेमंद नेपाली, बोले‘ इस घटना ने हमारी कौम को बदनाम किया’

शहर के घरों, रेस्टोरेंट, होटल व गेस्ट हाउस में 2,500 से अधिक नेपाली काम कर रहे हैं, जो भरोसे व विश्वास की मिसाल माने जाते हैं। सरदारपुरा डी रोड की वारदात के बाद ये सभी सकते में हैं। भास्कर ने जब कुछ नेपाली बंधुओं से बात की तो उन्होंने कहा कि इस घटना ने हमारी भरोसेमंद कौम को बदनाम किया है। इधर, जांच अधिकारी सरदारपुरा थाने के एसआई प्रवीण जुगतावत ने बताया कि घटना के बाद थाने में तीन ऐसे परिवारों के फोन आए जिन्होंने अपने घर नेपाली नौकर होना बताया।

 मैं 7 साल पहले जोधपुर आया था। यहां किल्लीखाना के एक गेस्ट हाउस में काम कर रहा हूं। सब एक जैसे नहीं होते। कुछ बदमाश होते हैं। मैं पूरी इमानदारी से अपना काम कर रहा हूं।

– मुकेश नेपाली
मैं पिछले पांच सालों से जोधपुर में काम कर रहा हूं। यहां कोई परेशानी नहीं, हमारे मालिक भी अच्छे हैं। इस घटना से हमारी कौम का नाम खराब हुआ है। लेकिन एक शख्स एक जैसा नहीं होता।

– रवि नेपाली

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