टोक्यो ओलंपिक होने पर भारतीय हॉकी टीम पदक जीतेगी : युवराज वाल्मीकि

टोक्यो ओलंपिक होने पर भारतीय हॉकी टीम पदक जीतेगी : युवराज वाल्मीकि

युवराज वाल्मीकि ने अपने जीवन में संघर्षों के बारे में बात की और बताया कि किस तरह हॉकी ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने में मदद की।

 

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम (Indian hockey team) के ‘प्रिंस’ के रूप में जानने वाले युवराज वाल्मीकि ने एक इंटरव्यू में अपने जीवन में संघर्षों के बारे में बात की और बताया कि किस तरह हॉकी ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने में मदद की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ओलंपिक में पदक जीतेगी। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भारतीय हॉकी टीम की जीत की संभावनाओं, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ यादगार फाइनल और एंटरटेनमेंट की दुनिया में अपनी यात्रा के बारे में भी बताया, जिसमें रियलिटी शो-खतरों के खिलाड़ी में उनका अनुभव भी शामिल है।

अखबार में अपनी तस्वीर देखने के लिए हॉकी खेलना शुरू करने वाले युवराज ने अपने शुरूआती दिनों के संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने कहा,‘मेरा कोई प्रतिस्पर्धी नहीं है, मैं एक बेहतर इंसान बनने के लिए खुद से प्रतिस्पर्धा करता रहता हूं और हर दिन कड़ी मेहनत करता हूं। अंत में, मुझे इसका शानदार परिणाम मिला और सीने पर तिरंगे का बैज पहनना शायद हर खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना होता है।’

यह भी पढ़ें— क्रिकेट के कौन से नियम में लिखा है कि 30 की उम्र के बाद टीम में चयन नहीं हो सकता: शेल्डन जैक्सन

युवराज ने कहा, ‘एक बात मैं निश्चित रूप से कहूंगा कि भारतीय हॉकी टीम अभी श्रीजेश और मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन कर रही है। यदि टोक्यो ओलंपिक का आयोजन होता है तो भारतीय हॉकी टीम इस बार पदक जीतेगी, मेरे दिल में यह दृढ़ विश्वास है।’

भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में आठ स्वर्ण पदक जीते हैं, जो खेलों के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा जीते गए सबसे अधिक स्वर्ण पदक हैं। युवराज का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर पदक जीतना भारत में हॉकी खिलाडिय़ों को मौजूदा जनरेशन में वो महत्व दिलाने में मदद करेगा जो कि अभी तक भारतीय हॉकी खिलाड़ियों को नहीं मिला है, क्योंकि हमारे देश में किसी भी अन्य खेल की तुलना में क्रिकेट को तरजीह दी जाती है।

2011 युवराज के लिए एक सफल वर्ष था क्योंकि उन्होंने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहां वह पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में एक स्टार बनकर उभरे थे। विशेष रूप से, भारत ने रेगुलेशन और एक्स्ट्रा टाइम में कोई स्कोर नहीं किया था लेकिन उसके बाद पेनल्टी शूटआउट में पाकिस्तान को हराकर टूर्नामेंट जीता था।

युवराज ने इस तरह के ऐतिहासिक मैच का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की और कहा,‘जब भारतीय झंडा फहराया जा रहा था और पाकिस्तान का झंडा नीचे आ रहा था, उस वक्त मुझे लगा कि मैंने देश के लिए कुछ किया है क्योंकि हमारा राष्ट्रीय ध्वज मेरी वजह से उठाया जा रहा था।’

यह भी पढ़ें— क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने गाई श्रीराम स्तुति, वीडियो देखकर लोगों ने की तारीफ

युवराज ने कहा, ‘भारत बनाम पाकिस्तान हमेशा एक विशेष मैच होता है। उस दौरान कोई रणनीति काम नहीं करती क्योंकि भावनाएं बड़ी भूमिका निभाती हैं। हम हमेशा से उनके लिए कड़ी चुनौती रहे हैं। पाकिस्तान हॉकी टीम के सदस्य भी मेरे दोस्त हैं। जब खेल की बात आती है, तो हम सभी अच्छे दोस्त की तरह मिलते हैं, लेकिन जब हम अपना पैर मैदान पर रखते हैं, तो हम बाएं या दाएं नहीं देखते हैं, हम सिर्फ उस मैच को जीतने पर ध्यान केंद्रित करते हैं क्योंकि हम किसी भी कीमत पर उनके खिलाफ नहीं हार सकते।’












Follow Us: | Google News | Dailyhunt News| Facebook | Instagram | TwitterPinterest | Tumblr |



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here