कोरोना से बचने के लिए आया टाटा स्टील का सुरक्षा एप

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हाल ही में टाटा स्टील ने एक सुरक्षा एप को जमशेदपुर प्लांट में प्रभावी किया है. जी हाँ, आप जानते ही होंगे टाटा स्टील अपने कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा का ख्याल रखने में सबसे आगे है. ऐसे में कोरोना काल में टाटा स्टील का पहला उद्देश्य उत्पादन को सुचारू रूप से जारी रखते हुए कर्मचारियों को कोरोना के खतरे से बचाना भी रहा है. वह अपने कर्मचारियों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि टाटा स्टील अपने मैनपावर को ही अपनी संपत्ति के रूप में देखता है.

अब अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टाटा स्टील ने सुरक्षा एप को जमशेदपुर प्लांट में प्रभावी कर दिया है. जी दरअसल बताया जा रहा है डिजिटल टेक्नोलॉजी क्वाड सेंसिंग (असेंबलेज एनालिसेस) के माध्यम से रियल टाइम ट्रैकिंग होगी. इसके अलावा इसे हर स्थायी कर्मचारी को अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करने के बारे में भी कहा गया है. यह एप कंपनी के इंटरर्नल वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है. कंपनी के हर एक कर्मचारी को अपने पर्सनल नंबर से इस एप में लॉग-इन करना होगा. उसके बाद उसे मांगी गई सभी सूचनाओं को भरना होगा. इसके अलावा उसे हर सप्ताह उन सूचनाओं को अपडेट भी करना होगा.

अगर संबधित कर्मचारी ने इसे अपडेट नहीं करता है या सही तरीके से नहीं भरता है तो कंपनी में उसे प्रवेश नहीं मिलेगा. जी दरअसल कंपनी में आने से पहले सिस्टम कर्मचारी के एप को रीड करेगा और अगर कुछ भी गलत हुआ तो बैरियर उठेगा ही नहीं. आपको बता दें कि इस एप का उद्देश्य यह है कि जो कर्मचारी संक्रमित हैं वह दूसरे कर्मचारियों को संक्रमित न कर सके.

हाल ही में टाटा स्टील ने एक सुरक्षा एप को जमशेदपुर प्लांट में प्रभावी किया है. जी हाँ, आप जानते ही होंगे टाटा स्टील अपने कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा का ख्याल रखने में सबसे आगे है. ऐसे में कोरोना काल में टाटा स्टील का पहला उद्देश्य उत्पादन को सुचारू रूप से जारी रखते हुए कर्मचारियों को कोरोना के खतरे से बचाना भी रहा है. वह अपने कर्मचारियों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि टाटा स्टील अपने मैनपावर को ही अपनी संपत्ति के रूप में देखता है.

अब अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टाटा स्टील ने सुरक्षा एप को जमशेदपुर प्लांट में प्रभावी कर दिया है. जी दरअसल बताया जा रहा है डिजिटल टेक्नोलॉजी क्वाड सेंसिंग (असेंबलेज एनालिसेस) के माध्यम से रियल टाइम ट्रैकिंग होगी. इसके अलावा इसे हर स्थायी कर्मचारी को अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करने के बारे में भी कहा गया है. यह एप कंपनी के इंटरर्नल वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है. कंपनी के हर एक कर्मचारी को अपने पर्सनल नंबर से इस एप में लॉग-इन करना होगा. उसके बाद उसे मांगी गई सभी सूचनाओं को भरना होगा. इसके अलावा उसे हर सप्ताह उन सूचनाओं को अपडेट भी करना होगा.

अगर संबधित कर्मचारी ने इसे अपडेट नहीं करता है या सही तरीके से नहीं भरता है तो कंपनी में उसे प्रवेश नहीं मिलेगा. जी दरअसल कंपनी में आने से पहले सिस्टम कर्मचारी के एप को रीड करेगा और अगर कुछ भी गलत हुआ तो बैरियर उठेगा ही नहीं. आपको बता दें कि इस एप का उद्देश्य यह है कि जो कर्मचारी संक्रमित हैं वह दूसरे कर्मचारियों को संक्रमित न कर सके.