किताबों से करें दोस्ती तो हर कदम मिलेगी कामयाबी

किताबों से करें दोस्ती तो हर कदम मिलेगी कामयाबी

पुस्तकें पढऩे से आप एक ही जिंदगी में ढेर सारे अनुभव और समझ को विकसित कर सकते हैं। इसलिए अच्छी किताबें खुद भी पढ़ें और दूसरों को पढऩे के लिए भी प्रेरित करें। सफलता पाने के लिए यह आदत जितनी जल्दी हम अपना लेंगे, उतना ही फायदा होगा।

अगर आपको अपनी जिंदगी बदलने के लिए एक साल मिले तो आप कौनसा एक काम करना चाहेंगे? यदि आपका जवाब बहुत सारी किताबों का अध्ययन करना है तो आप उन खास लोगों में हैं, जो सच में जिंदगी बदलने को लेकर तैयार हैं। कुछ लोगों का मानना हो सकता है कि जिंदगी बदलने के लिए कुछ न कुछ करना होगा। लेकिन वह करना क्या है? कैसे करना है और क्या तरीके होंगे, उनके लिए कौनसी दक्षताएं सीखनी होंगी? यह सब हम किताबें पढक़र सीख सकते हैं। एक बार यह सब आपको पता चल गया तो आप इस दुनिया के उन पांच प्रतिशत लोगों में शामिल हो जाएंगे, जो बदलाव लाते हैं।

किताबें हैं कीमती खजाना
अगर आपको पढऩा आता है और आप फिर भी नहीं पढ़ते हैं तो आप में और निरक्षर में कोई अंतर नहीं है। किताबें बहुत सारे अनुभवों और अध्ययन के बाद लिखी जाती हैं। पढ़ा-लिखा होने के बाद भी यदि हम सबसे कीमती खजाने यानी किताबों को इग्नोर करते हैं तो यह हमारा दुर्भाग्य है। हम जान-बूझकर उस खजाने को ठुकरा रहे हैं।

कई महान लोगों ने किताबों को ही अपना सबसे अच्छा दोस्त माना है। किताबें वह जरिया हैं, जिनसे दुनिया में बदलाव आया है और आगे भी आता रहेगा। एलोन मस्क ने रॉकेट साइंस को सिर्फ किताबें पढक़र खुद सीख लिया और परिणाम सबके सामने है।

हर विषय से जुड़ी किताबें पढ़ें
जब बात किताबों के अध्ययन की हो रही है तो यह हमारे स्कूली और कॉलेज की किताबों की नहीं है। यहां पर उन किताबों की बात हो रही है, जो अलग-अलग क्षेत्रों, व्यक्तियों, अनुभवों, विज्ञान, तरीकों, दक्षताओं और इतिहास पर लिखी गई हैं। इन सबके अध्ययन से ने केवल व्यक्तिगत सफलता को पाया जा सकता है, बल्कि एक नए समाज व देश के निर्माण में भी इनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है। आपको हर तरह की पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। आप जिस फील्ड में मास्टरी हासिल करना चाहते हैं, उससे जुड़ी किताबें भी जरूर पढ़ें।

अपनी बात रखना सीखते हैं
स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति व धर्म का काफी गहन अध्ययन किया था। तभी तो वह बहुत प्रभावकारी तरीके से पूरी दुनिया के सामने अपनी बात रख पाए। महान वैज्ञानिक व पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी बहुत अध्ययन करते थे। उन्होंने खुद भी कई अच्छी किताबें लिखीं। हालांकि यहां पर यह भी महत्त्वपूर्ण है कि हमने जो पढ़ा है, उसको अपने जीवन में किसी न किसी रूप में ढालना है।

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