कांग्रेस की खिचड़ी पकायेंगे किसान नेता राकेश टिकैत कांग्रेस ने दिया बुलावा

कांग्रेस की खिचड़ी पकायेंगे किसान नेता राकेश टिकैत, कांग्रेस ने दिया बुलावा

रांची। नए कृषि कानून से उपजे आक्रोश के दायरे को विस्तार देने की कोशिशें झारखंड में भी जारी हैं। इस कड़ी में किसान आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं के शीघ्र झारखंड आने की संभावना है। कृषि मंत्री बादल खुद दिल्ली जाकर किसान आंदोलन का हिस्सा बनें और आंदोलन के सर्वोच्च नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर उन्हें झारखंड आने का न्यौता दिया है।

झारखंड में नए कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार जारी है। झामुमो का सहयोग भी उसे मिल रहा है। कांग्रेस ने राज्य के विभिन्न जिलों में ट्रैक्टर रैली भी निकाली और पदयात्रा भी की। बावजूद इसके किसानों में इस कानून के खिलाफ वैसा उबाल देखने को नहीं मिल रहा है, जैसा पंजाब व हरियाणा में। इधर, यूपीए की कोशिश है कि किसान आंदोलन के प्रमुख नेताओं का रुख यदि झारखंड की ओर होगा तो इसका राज्य के किसानों पर अधिक असर पड़ेगा।

राजनीतिक दलों के अपेक्षा किसान नेताओं की बात राज्य के किसानों को अधिक समझ आएगी और एक माहौल भी बनेगा। यूपीए की कोशिश झारखंड को पूर्वी राज्यों में किसान आंदोलन का केंद्र बनाने की है। हालांकि, यह कोशिशें कितनी रंग लाएगी, यह तो किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं की झारखंड में सभा होने के बाद ही पता चलेगा।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के तमाम सीनियर नेता और राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे के तीन मंत्री हजारीबाग में प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस क्रम में बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम हजारीबाग के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे और लोगों को संबोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष डा. रामेश्वर उरांव और कृषि मंत्री बादल पहले से ही इलाके में कैंप कर रहे हैं। लोगों को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि किसानों के आंदोलन ने देश को एक अलग राह दिखाई है और निश्चित तौर पर यह आंदोलन सफल होगा।

किसान आंदोलन के समर्थन में 20 फरवरी को होने वाले राज्य स्तरीय किसान ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने के लिए एक दिवसीय कार्यक्रम हजारीबाग के बन्हा, पेलावल, कटकमसांडी, इचाक आदि स्थानों पर किया गया। इस दौरान अपने अन्नदाताओं के समर्थन में विशाल किसान ट्रैक्टर रैली को ऐतिहासिक बनाने का आहवान किया गया। कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन ने देश को नई राह दिखाई है। केंद्र सरकार के कृषि मंत्री भी मान चुके हैं कि इस कानून में कई त्रुटियां हैं। कृषि मंत्री बादल ने कहा कि देश की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। किसानों की जान जा रही है और सरकार मनमानी पर उतारू है।

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