अजब-गजब : ये हैं नागराज अब तक पकड़ चुके बीस हजार से अधिक सांप

अजब-गजब : ये हैं नागराज अब तक पकड़ चुके बीस हजार से अधिक सांप

इस दुनिया में तरह -तरह के लोग हैं। अब मधुबनी जिले के फुलपरास प्रखंड के डेवढ़ ब्रह्मपुरा निवासी अनिल कुमार तिवारी को देखिए। उम्र 50 वर्ष से अधिक है। पेशे से साधारण किसान हैं। इन्हें विषधर को पकडऩे और उसे बीहड़ में छोड़ देने का शौक है।

मधुबनी [वीरेंद्र दत्त]। इस दुनिया में तरह -तरह के लोग हैं। अब मधुबनी जिले के फुलपरास प्रखंड के डेवढ़ ब्रह्मपुरा निवासी अनिल कुमार तिवारी को देखिए। उम्र 50 वर्ष से अधिक है। पेशे से साधारण किसान हैं। इन्हें विषधर को पकडऩे और उसे बीहड़ में छोड़ देने का शौक है।

अनिल इलाके में नागराज के नाम से प्रसिद्धि हैं। अब तक 20 हजार से अधिक सांप पकड़ चुके हैं। पांच बार सर्पदंश के शिकार भी हुए हैं। हैरत की बात यह कि एक बार भी एंटी वेनम नहीं लिया। हर बार ब्लेड से चीरा लगाकर खुद इलाज किया।

डायरी में दर्ज हर सांप का विवरण

पकड़े गए हर सांप का पूरा विवरण उनकी डायरी में दर्ज है। मसलन, कहां से कब, कितने वजन व लंबाई-चौड़ाई का सांप पकड़ा गया। सांप पकडऩे के बदले कुछ लेते नहीं। यदि गृहस्वामी ने स्वेच्छा से कुछ दे दिया तो उसे गांव के भगवती मंदिर में समर्पित कर देते हैं। अगर किसी के बुलावे पर पहुंचे और उनके पहुंचने से पहले सांप को मार दिया गया तो जुर्माने के रूप में 5100 रुपये लेते हैं। जुर्माने की रकम भी मंदिर में सौंप देते हैं।

12 वर्ष की उम्र से ही जुनून

नागराज की उम्र करीब 12 वर्ष रही होगी। खेत की मेड़ से होकर अपने बहनोई संग जा रहे थे। विषधर ने काट लिया। उन्हें लगा अब बचना मुश्किल है तो क्यों न सांप को पकड़ कर मार दिया जाए। ढेला (मिट्टी का टुकड़ा) से प्रहार कर चोटिल सांप को पकड़ लिया। उसे लेकर घर आए।

पहले खुद को ब्लेड से चीरा लगाकर इलाज किया। फिर ब्लेड से ही सांप के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। इसके बाद तो सांप पकडऩा शगल में शुमार हो गया। हालांकि, पिता और अन्य परिजन उनके इस शौक के घोर विरोधी हैं। एक बार एक ही जगह से 11 सांपों को पकड़ बीहड़ में छोड़ा।

बीते सोमवार को फुलपरास में राजकुमार पासवान के गैरेज में विषधर दिखा। सूचना मिलने पर पहुंचे नागराज ने एक डंडे के सहारे उसे प्लास्टिक के जार में बंद कर दिया। सांप तीन फीट नौ इंच लंबा, डेढ़ इंच मोटा, फन की चौड़ाई साढे चार इंच और वजन ढाई किलो से अधिक था।

सांप काटे तो कराएं सही इलाज

नागराज कहते हैं कि सर्पदंश के बाद अधिकांश लोगों की मौत भय व ङ्क्षचता के कारण होती है। इसलिए बिना भयभीत हुए, डॉक्टर से सही इलाज कराने की सलाह देते हैं। वे बगैर किसी तंत्र-मंत्र के हाथ के कौशल से सांपों को पकड़ते हैं।

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